उत्तर प्रदेश

CensusSurvey – जनगणना में इस बार घर-घर पूछे जाएंगे 34 अहम सवाल

CensusSurvey – देश में शुरू होने जा रही जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी महीने 22 मई के बाद जनगणना कर्मी लोगों के घर पहुंचकर जानकारी जुटाना शुरू करेंगे। इस बार सर्वे में केवल आबादी की गिनती ही नहीं, बल्कि लोगों की जीवनशैली, घर की सुविधाओं और खानपान से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल भी शामिल किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सही जानकारी दें और किसी भी तरह की धोखाधड़ी से सतर्क रहें।

घर और परिवार से जुड़े कई सवाल पूछे जाएंगे

जनगणना के पहले चरण में मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। जनगणना कर्मी यह जानकारी लेंगे कि मकान कच्चा है या पक्का, उसकी छत किस प्रकार की है और निर्माण में किस सामग्री का उपयोग हुआ है। इसके अलावा यह भी दर्ज किया जाएगा कि घर में मालिक स्वयं रहता है या किरायेदार के रूप में कोई अन्य परिवार रह रहा है।

सर्वे के दौरान परिवार की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। इसमें रसोईघर, शौचालय, बिजली, पानी और खाना बनाने के लिए गैस जैसी सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इन आंकड़ों का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं की स्थिति और जरूरतों के आकलन में किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहनों का भी लिया जाएगा विवरण

जनगणना में इस बार परिवार के पास मौजूद घरेलू उपकरणों और वाहनों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। कर्मी पूछेंगे कि घर में रेडियो, टेलीविजन, कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन मौजूद है या नहीं। इसके साथ ही साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल और कार जैसे वाहनों से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।

सूत्रों के अनुसार, कुल 34 सवालों के जवाब दर्ज किए जाएंगे। इनमें परिवार के मुखिया से संबंधित जानकारी भी शामिल रहेगी। फॉर्म में यह दर्ज किया जाएगा कि परिवार का प्रमुख पुरुष है, महिला है या ट्रांसजेंडर।

खानपान से जुड़े सवाल भी होंगे शामिल

इस बार जनगणना में लोगों के भोजन से जुड़ी आदतों पर भी जानकारी एकत्र की जाएगी। परिवार मुख्य रूप से किस प्रकार के अनाज का उपयोग करता है, इसे भी रिकॉर्ड किया जाएगा। इसमें गेहूं, चावल, मक्का, ज्वार-बाजरा और अन्य मोटे अनाज से जुड़े विकल्प दिए जाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि इससे खाद्य उपभोग के पैटर्न और पोषण संबंधी योजनाओं के लिए उपयोगी आंकड़े मिल सकेंगे। वहीं जाति से संबंधित कॉलम में केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का अलग उल्लेख किया जाएगा, जबकि अन्य वर्गों को सामान्य श्रेणी में दर्ज किया जाएगा।

ओटीपी मांगने वालों से सतर्क रहने की सलाह

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी तो लेंगे, लेकिन किसी भी नागरिक से ओटीपी या बैंकिंग जानकारी नहीं मांगी जाएगी। लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी व्यक्ति को निजी डिजिटल जानकारी साझा करने से पहले उसका पहचान पत्र जरूर जांच लें।

जनगणना कर्मियों के पास अधिकृत पहचान पत्र और निर्धारित प्रक्रिया होगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया के चलते साइबर ठगी की आशंका को देखते हुए लोगों को पहले से जागरूक किया जा रहा है।

स्वगणना प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को प्रशिक्षण

लखनऊ में जनगणना की स्वगणना प्रक्रिया को लेकर विकास भवन में अधिकारियों की बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी विशाख जी ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को समय रहते प्रशिक्षित किया जाए।

प्रशासन ने बताया कि परिवार का एक सदस्य se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वगणना की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। इसके बाद मिलने वाली आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी होगा। जनजागरूकता बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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