DigitalCensus – आज से शुरू हुई डिजिटल जनगणना में पूछे जाएंगे 34 सवाल
DigitalCensus – देशभर में आज से नई डिजिटल जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। इस बार जनगणना पहले की तुलना में काफी अलग और तकनीक आधारित होगी। प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से कुल 34 सवाल पूछेंगे और सारी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य आबादी, आवासीय सुविधाओं और सामाजिक स्थिति से जुड़े सटीक आंकड़े जुटाना है।

मकान और निर्माण से जुड़े सवाल होंगे शामिल
जनगणना की शुरुआत मकान की जानकारी से होगी। प्रगणक सबसे पहले भवन संख्या और मकान के प्रकार से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। इसमें यह पूछा जाएगा कि मकान का फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है। उदाहरण के तौर पर मिट्टी, लकड़ी, पक्की ईंट, पत्थर या कंक्रीट जैसी श्रेणियों में जानकारी ली जाएगी।
इसके अलावा यह भी दर्ज किया जाएगा कि मकान का उपयोग केवल रहने के लिए हो रहा है या वहां दुकान, कार्यालय, स्कूल, अस्पताल या अन्य गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं। यदि मकान आवासीय है तो उसकी स्थिति अच्छी, रहने योग्य या जर्जर श्रेणी में दर्ज की जाएगी।
परिवार और सदस्यों की जानकारी भी ली जाएगी
प्रगणक परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग संबंधी जानकारी भी दर्ज करेंगे। इसके साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी भी पूछी जाएगी।
परिवार से यह भी पूछा जाएगा कि मकान स्वयं का है या किराए का। घर में उपलब्ध कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या और रहने की स्थिति का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन आंकड़ों का उपयोग सरकारी योजनाओं और सामाजिक अध्ययन में किया जाएगा।
पानी, बिजली और शौचालय पर रहेगा फोकस
जनगणना के दौरान घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रगणक यह जानकारी लेंगे कि परिवार को पीने का पानी कहां से मिलता है और वह घर के अंदर उपलब्ध है या दूर से लाना पड़ता है।
इसके अलावा बिजली, शौचालय, स्नानगृह, रसोई और गंदे पानी की निकासी से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे। खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन जैसे एलपीजी, लकड़ी, बिजली या अन्य साधनों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
मोबाइल, इंटरनेट और वाहन से जुड़े सवाल
डिजिटल जनगणना में आधुनिक सुविधाओं और तकनीक के उपयोग को लेकर भी जानकारी जुटाई जाएगी। परिवारों से पूछा जाएगा कि उनके पास रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप या कंप्यूटर है या नहीं।
मोबाइल फोन और स्मार्टफोन के इस्तेमाल की जानकारी भी रिकॉर्ड की जाएगी। इसके अलावा साइकिल, मोटरसाइकिल, स्कूटर और कार जैसे वाहनों से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
मुख्य खाद्यान्न और मोबाइल नंबर भी होंगे दर्ज
प्रक्रिया के अंतिम चरण में परिवार से यह जानकारी ली जाएगी कि वे मुख्य रूप से कौन सा अनाज इस्तेमाल करते हैं। इसमें चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा और मक्का जैसे विकल्प शामिल रहेंगे।
इसके साथ परिवार का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों ने साफ किया है that जनगणना के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार के बैंक दस्तावेज या वित्तीय जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और डिजिटल तरीके से संचालित की जाएगी।
डिजिटल प्रक्रिया पर प्रशासन का जोर
इस बार जनगणना पूरी तरह तकनीक आधारित बनाई गई है। प्रगणक मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और डेटा संग्रहण प्रक्रिया पहले से तेज होगी।
लोगों से अपील की गई है कि वे सही जानकारी उपलब्ध कराएं और केवल अधिकृत प्रगणकों को ही विवरण दें।