CensusCampaign – झारखंड में डिजिटल जनगणना अभियान की हुई औपचारिक शुरुआत
CensusCampaign – झारखंड में जनगणना-2027 अभियान की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राजधानी रांची स्थित लोक भवन में स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की। वहीं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में डिजिटल माध्यम से स्व-गणना पूरी कर इस अभियान में भागीदारी की। राज्य सरकार ने लोगों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की है।

राज्यपाल ने आंकड़ों के महत्व पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि किसी भी राज्य या देश के विकास की योजनाएं सटीक आंकड़ों पर आधारित होती हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल लोगों की संख्या दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह समाज की वास्तविक स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
राज्यपाल के अनुसार, जनगणना के जरिए परिवारों की आर्थिक स्थिति, जीवन स्तर और सामाजिक ढांचे से जुड़ी जानकारी सामने आती है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाएं तैयार करती हैं।
डिजिटल माध्यम से होगी स्व-गणना
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और तकनीक आधारित बनाया गया है। पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। नागरिक मोबाइल ओटीपी के जरिए ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
स्व-गणना की यह प्रक्रिया 1 मई से 15 मई तक चलेगी। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज किए गए आंकड़ों का सत्यापन करेंगे। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल प्रणाली से डेटा संग्रहण में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से सहयोग की अपील की
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी जनगणना अभियान में भाग लेते हुए लोगों से सही और पूरी जानकारी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं का आधार है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय भाषाओं की जानकारी रखने वाले कर्मियों को भी इस अभियान में शामिल किया जाए। उनका कहना था कि इससे दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में लोगों तक पहुंच आसान होगी और प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से पूरी हो सकेगी।
16 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
अधिकारियों के मुताबिक, 16 मई से 14 जून 2026 तक राज्यभर में मकान सूचीकरण और घर-घर डेटा संग्रह का अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान प्रगणक प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर आवश्यक जानकारी जुटाएंगे।
सरकार ने सभी जिलों में प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आंकड़ों का संकलन व्यवस्थित ढंग से हो सके।
डिजिटल प्रक्रिया से कम होंगी त्रुटियां
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस बार तकनीक के अधिक उपयोग से गलतियों की संभावना कम होगी और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज होगी। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, नगर आयुक्त सुशांत गौरव और मुख्य जनगणना पदाधिकारी प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल जनगणना से भविष्य की नीतियों और योजनाओं के लिए अधिक भरोसेमंद आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे प्रगणकों का सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।