PoliticalDialogue – 15 मई से प्रदेशभर में संवाद अभियान शुरू करेंगे हरीश रावत
PoliticalDialogue – उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने चुनाव परिणामों के बाद एक नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में निरंतर और तर्कसंगत संवाद की जरूरत पहले से अधिक महसूस हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 15 मई से प्रदेशभर में व्यापक संवाद अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद स्थापित करने और उनकी राय जानने पर केंद्रित रहेगा।

संवाद के जरिए समझेंगे जनता की सोच
हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया संदेश में बताया कि इस अभियान के दौरान वे समाज के अलग-अलग वर्गों से बातचीत करेंगे। खासतौर पर उन लोगों से संवाद किया जाएगा, जिन्होंने राज्य आंदोलन और राज्य गठन के समय सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनका कहना है कि 25 वर्षों की इस यात्रा के बाद यह समझना जरूरी है कि राज्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं। वे यह भी जानना चाहते हैं कि विकास के लिए अपनाई गई नीतियां कितनी तर्कसंगत रही हैं और भविष्य के लिए किन बदलावों की आवश्यकता है।
युवाओं और संगठनों से भी होगी चर्चा
इस अभियान में युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाएगा। हरीश रावत का मानना है कि युवाओं की भागीदारी के बिना किसी भी राज्य का विकास अधूरा है। वे युवाओं से रोजगार, शिक्षा और अवसरों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए जाएंगे, ताकि नीतिगत स्तर पर बेहतर दिशा तय की जा सके।
रोजगार के मुद्दे पर सरकार के कार्यकाल का उल्लेख
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान रोजगार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय राज्य में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। वर्ष 2014 में जहां बेरोजगारी की वृद्धि दर 13 प्रतिशत से अधिक थी, वहीं 2017 तक इसे घटाकर करीब डेढ़ प्रतिशत तक लाने में सफलता मिली थी। उनके अनुसार यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयासों और नीति-निर्माण के कारण संभव हो पाई थी।
स्वरोजगार को लेकर भी है स्पष्ट योजना
हरीश रावत ने यह भी कहा कि उनके पास आज भी रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप मौजूद है। उनका मानना है कि वर्तमान समय में केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वरोजगार के अवसरों को भी बढ़ाना जरूरी है। इस दिशा में वे अपने अनुभव और सुझावों को लोगों के साथ साझा करेंगे और उनकी प्रतिक्रिया भी जानेंगे।
धार्मिक स्थलों से होगी अभियान की शुरुआत
संवाद यात्रा की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ की जाएगी। हरीश रावत ने बताया कि वे हरिद्वार में मां गंगा का आशीर्वाद लेकर इस अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद कुमाऊं क्षेत्र में ग्वेल देवता और गढ़वाल में घंडियाल देवता के दर्शन कर आगे की यात्रा शुरू करेंगे। उनका कहना है कि यह पहल केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने का भी प्रयास है।
प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से चलेगा कार्यक्रम
यह संवाद अभियान पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। विभिन्न जिलों में अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। हरीश रावत का उद्देश्य है कि इस पहल के जरिए जनता की वास्तविक समस्याओं को समझा जाए और भविष्य की रणनीति को उसी आधार पर तैयार किया जाए।