WeatherAlert – प्रदेश में आंधी-बारिश से मची तबाही, 23 लोगों की हुई मौत
WeatherAlert – प्रदेश में सोमवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते कई जिलों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने हालात गंभीर कर दिए। खेतों में काम कर रहे किसान और खुले स्थानों पर मौजूद लोग इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए। अलग-अलग जिलों से आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण हुए हादसों की खबरें सामने आईं। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक इन घटनाओं में कुल 23 लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे प्रदेश में शोक और चिंता का माहौल है।

अवध क्षेत्र में सात लोगों की दर्दनाक मौत
अवध के जिलों में भी मौसम का कहर साफ नजर आया। तेज आंधी और बारिश के बीच हुए अलग-अलग हादसों में सात लोगों की मौत हो गई। गोंडा जिले में सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और खराब मौसम में सड़क हादसों के चलते चार लोगों की जान चली गई। बलरामपुर में भी एक ई-रिक्शा चालक पेड़ गिरने की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बहराइच और अंबेडकरनगर में आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की जान चली गई। इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
कई जिलों में भारी बारिश, संभल में सबसे अधिक वर्षा दर्ज
मौसम में आए इस बदलाव के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई। संभल में सबसे अधिक 130 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से कहीं अधिक है। इसके अलावा कासगंज में 97 मिमी, बरेली में 54.6 मिमी, बाराबंकी में 53 मिमी, मुरादाबाद में 45 मिमी और गोरखपुर में 41.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
तेज हवाओं से तापमान में भारी गिरावट
आंधी के साथ चली तेज हवाओं ने मौसम को अचानक ठंडा कर दिया। बलरामपुर, अलीगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में हवाओं की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इसका असर तापमान पर भी पड़ा और अधिकतम तापमान सामान्य से 10 से 12 डिग्री तक नीचे आ गया। तराई क्षेत्रों में लोगों को ठंड का एहसास होने लगा। बाराबंकी में अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 12.1 डिग्री कम रहा, जबकि शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर रहा।
मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए मंगलवार के लिए 21 जिलों में गरज-चमक और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही करीब 30 जिलों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जिनकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। पांच से सात मई के बीच भी कई इलाकों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में ओलावृष्टि और गरज-चमक की आशंका
जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है उनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकरनगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं वाले क्षेत्रों के लिए चेतावनी
इसके अलावा जिन जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, उनमें पूर्वांचल और तराई के कई इलाके शामिल हैं। देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती जैसे जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलें और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें।