WeatherAlert – उत्तराखंड में भारी बारिश का असर, सीएम धामी ने एजेंसियों को किया हाई अलर्ट
WeatherAlert – उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से विभिन्न जिलों की स्थिति की जानकारी ली और सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी है। विभाग ने कई स्थानों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पूरे प्रदेश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है।
भूस्खलन से 85 सड़कें बंद
लगातार वर्षा के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन के अनुसार, राज्यभर में कुल 85 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें चमोली में 20, पिथौरागढ़ में 13, बागेश्वर में 10, देहरादून में 7, नैनीताल में 8, टिहरी में 8, रुद्रप्रयाग में 6, उत्तरकाशी में 6, पौड़ी में 5 और अल्मोड़ा में 2 मार्ग शामिल हैं। संबंधित विभाग सड़कें खोलने के लिए मशीनों और कर्मचारियों की मदद से राहत कार्य में जुटे हैं।
अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर और मंदाकिनी का 626.60 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर से अधिक है। प्रशासन ने नगर क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
कई इलाकों में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित
रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में विजयनगर-तैला मोटर मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन होने से यातायात बाधित हो गया। यह मार्ग 80 से अधिक गांवों को जोड़ता है और मानसून के दौरान लगातार प्रभावित हो रहा है। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों के कारण दो कांवड़ यात्री बाल-बाल बच गए। यात्रियों को अपनी बाइक छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा।
घुत्तू बाजार में मलबा आने से नुकसान
टिहरी जिले के घुत्तू क्षेत्र में देर रात हुई भारी बारिश के बाद मुख्य बाजार में भूस्खलन हो गया। मलबा और पत्थर कई मकानों के पास तक पहुंच गए, जबकि एक वाहन भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन के अनुसार, घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। राजस्व और अन्य विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।