उत्तराखण्ड

MinorityEducation – उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता नियमावली को कैबिनेट मंजूरी

MinorityEducation – उत्तराखंड सरकार ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए नई नियमावली को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान मान्यता नियमावली 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई। इस नई व्यवस्था के तहत राज्य में संचालित मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की मान्यता और नवीनीकरण प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है।

सरकार के अनुसार, यह नियमावली उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 के तहत तैयार की गई है। इसमें संस्थानों की मान्यता, नवीनीकरण, पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े नियम शामिल किए गए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इससे शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।

ऑनलाइन आवेदन और शुल्क व्यवस्था लागू

नई नियमावली के अनुसार, अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता प्राप्त करने के लिए निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य रहेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मान्यता और उसका नवीनीकरण तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध होगा। संस्थानों को नवीनीकरण के लिए समयसीमा समाप्त होने से कम से कम तीन महीने पहले आवेदन करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी आसानी होगी।

कई समुदायों को शामिल किया गया

नियमावली में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में शामिल किया गया है। इन समुदायों द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों को निर्धारित मानकों के आधार पर मान्यता प्रदान की जाएगी।

सरकार का कहना है कि नियमावली का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक अधिकारों को संरक्षित रखते हुए संस्थानों में प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

पात्रता और दस्तावेजों की होगी जांच

मान्यता प्रक्रिया के दौरान संस्थानों की पात्रता, भूमि स्वामित्व, वित्तीय स्थिति, प्रबंधन व्यवस्था और स्टाफ की योग्यता की जांच की जाएगी। इसके लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र, प्रबंधन समिति का विवरण, बैंक दस्तावेज, भूमि संबंधी रिकॉर्ड और शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे।

इसके अलावा संस्थानों को सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और अल्पसंख्यक हितों की पूर्ति से संबंधित घोषणा भी देनी होगी। नवीनीकरण प्रक्रिया में आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और छात्र नामांकन से जुड़े दस्तावेज भी जमा कराने होंगे।

नियम उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को आवेदन की समीक्षा और आवश्यक होने पर निरीक्षण करने का अधिकार दिया गया है। यदि सभी निर्धारित मानक पूरे पाए जाते हैं तो संस्थान को मान्यता प्रदान की जाएगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्थान नियमों का उल्लंघन करता है या निधियों के दुरुपयोग के मामले सामने आते हैं, तो संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। हालांकि अंतिम निर्णय से पहले संस्थान को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। सुनवाई के बाद आवश्यकता पड़ने पर मान्यता रद्द भी की जा सकती है।

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