Infrastructure Safety – चारधाम मार्ग के गंगोरी बैल ब्रिज की स्थिति पर बढ़ी चिंता
Infrastructure Safety – चारधाम यात्रा के दौरान उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गंगोरी बैल ब्रिज को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। पुल की स्टील प्लेटों में लगे कुछ नेट-बोल्ट ढीले होने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों ने इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि इन तकनीकी खामियों के कारण पुल से गुजरते समय कंपन और असामान्य आवाजें महसूस की जा रही हैं।

भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी
स्थानीय निवासियों के अनुसार रात के समय जब भारी वाहन पुल से गुजरते हैं तो स्टील प्लेटों से तेज आवाजें सुनाई देती हैं। चारधाम यात्रा के चलते इस मार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ी हुई है और प्रतिदिन हजारों यात्री इसी रास्ते से गंगोत्री धाम की ओर जा रहे हैं। ऐसे में पुल की मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।
समय रहते मरम्मत की मांग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यात्रा सीजन के दौरान पुल पर यातायात का दबाव काफी अधिक रहता है। इसलिए किसी भी तकनीकी कमी को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से जल्द निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य शुरू करने की मांग की है ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाया मुद्दा
पूर्व सभासद देवेंद्र चौहान ने पुल की स्टील प्लेटों के नेट-बोल्ट ढीले होने को गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर स्थित इस महत्वपूर्ण पुल का तत्काल तकनीकी परीक्षण कराया जाना चाहिए। उनके अनुसार यदि समय पर मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है। इस संबंध में विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत कराया गया है।
बीआरओ ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि उन्हें पुल से जुड़ी शिकायतों की जानकारी मिल चुकी है। बीआरओ के कमांडर राजकिशोर के अनुसार जल्द ही विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान ढीले नेट-बोल्ट को कसने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर अन्य मरम्मत कार्य भी किए जाएंगे।
सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुल की तकनीकी स्थिति का आकलन करने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि यातायात सुचारु और सुरक्षित बना रहे। स्थानीय लोगों को भी आश्वस्त किया गया है कि समस्या के समाधान के लिए जल्द कार्रवाई की जाएगी।