Education – उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने युवाओं के लिए शुरू किए नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम
Education- उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को रोजगार और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें एक वर्षीय होम स्टे प्रबंधन डिप्लोमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह पाठ्यक्रम पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और आतिथ्य उद्योग में बेहतर अवसर मिल सकें।

पर्यटन आधारित रोजगार पर विशेष ध्यान
राज्य में होम स्टे की बढ़ती संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय ने होम स्टे सहायक प्रबंधक के रूप में एक वर्षीय डिप्लोमा शुरू किया है। इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को पर्यटकों के स्वागत एवं प्रबंधन, ग्राहक सेवा, विपणन, आवास संचालन और आतिथ्य सेवाओं से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू, अध्ययन केंद्रों पर सुविधा
विश्वविद्यालय में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पीएलएमएस परिसर स्थित अध्ययन केंद्र के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों को प्रवेश, परामर्श और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं अध्ययन केंद्रों के जरिए उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को भी आसानी से उच्च शिक्षा का लाभ मिल सके।
क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण की पहल
इस शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय ने गढ़वाली, कुमाऊनी और नेपाली भाषा में भी एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। विश्वविद्यालय का कहना है कि इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य केवल भाषाई विरासत को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भाषा, अनुवाद, शोध और सांस्कृतिक अध्ययन जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय भाषाओं के अध्ययन और उनके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बड़ी संख्या में विद्यार्थी कर रहे अध्ययन
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में वर्तमान समय में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र स्तर के अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पूरे राज्य से 80 हजार से अधिक विद्यार्थी विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं। देहरादून परिक्षेत्र में ही 16 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि इस क्षेत्र के 22 महाविद्यालयों में विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
सीमावर्ती विद्यार्थियों को भी मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय ने इस वर्ष एक नई पहल के तहत नेपाली विद्यार्थियों के लिए भी प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे और दोनों देशों के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। विश्वविद्यालय का मानना है कि नई पहलें कौशल विकास, क्षेत्रीय जरूरतों और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी।