Corruption – वैशाली समाहरणालय में रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार, की गई बड़ी कार्रवाई
Corruption- वैशाली जिला समाहरणालय परिसर में मंगलवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत एक लिपिक को कथित रूप से दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई ऐसे परिसर में हुई, जहां जिला प्रशासन के कई प्रमुख कार्यालय संचालित होते हैं। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही परिसर में हलचल बढ़ गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जुट गए।

लाइसेंस बहाली के बाद फाइल बढ़ाने के लिए मांगी गई रकम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालगंज प्रखंड के लक्ष्मीनारायणपुर निवासी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदार किशन कुमार का लाइसेंस पहले अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने जिला पदाधिकारी की अदालत में अपील की, जहां से उनके पक्ष में लाइसेंस बहाल करने का आदेश जारी हुआ। आरोप है कि आदेश लागू कराने और संबंधित फाइल आगे बढ़ाने के लिए अनुमंडल कार्यालय में तैनात लिपिक ने उनसे दो हजार रुपये की मांग की।
शिकायत मिलने पर निगरानी टीम ने बनाया प्लान
रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से संपर्क किया। विभाग ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। तय योजना के तहत मंगलवार को शिकायतकर्ता ने जैसे ही आरोपी को निर्धारित राशि सौंपी, पहले से मौजूद निगरानी अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी लिपिक को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पटना ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसियां अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना केवल एक मामले तक सीमित थी या इसके पीछे कोई व्यापक अनियमितता भी मौजूद है।
निगरानी विभाग ने दी आधिकारिक जानकारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी गोविंद चंद्र माथुर ने बताया कि शिकायतकर्ता के पीडीएस लाइसेंस की बहाली सक्षम प्राधिकारी के आदेश से पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद फाइल पर आगे की कार्रवाई के लिए कथित रूप से रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद विधिक प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया गया और विशेष धावा दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को कथित रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है