Donation – बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा मामले के बाद बीकेटीसी की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
Donation- बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर अपनी प्रशासनिक और वित्तीय कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद समिति की व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी बीकेटीसी पर वित्तीय मामलों को लेकर सवाल उठ चुके हैं, जिनकी जांच स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर तक पहुंची थी। हालांकि, उन मामलों में अब तक किसी अंतिम निष्कर्ष या कार्रवाई की सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पहले भी उठ चुके हैं वित्तीय पारदर्शिता के सवाल
बीकेटीसी से जुड़े पुराने मामलों में वित्तीय लेनदेन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर कई बार जांच की मांग उठी थी। वर्ष 2023 में बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं से डिजिटल माध्यम से दान प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड लगाए गए थे। उस समय यह प्रश्न भी सामने आया था कि इन क्यूआर कोड के जरिए प्राप्त दान राशि किस खाते में जमा हुई और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया गया। इस विषय पर भी आधिकारिक स्तर पर पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
नियुक्तियों को लेकर भी रहा था विवाद
समिति का नाम इससे पहले वर्ष 2020 में नियुक्तियों से जुड़े विवाद के कारण भी सुर्खियों में आया था। उस समय कुछ नियुक्तियों को लेकर नियमों के पालन पर सवाल खड़े हुए थे। विवाद बढ़ने के बाद तत्कालीन बीकेटीसी अध्यक्ष स्वर्गीय मोहन प्रसाद थपलियाल ने संबंधित नियुक्तियों को निरस्त करने का निर्णय लिया था। उस घटनाक्रम के बाद भी समिति की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी।
चढ़ावा गणना प्रकरण की शुरू हुई जांच
ताजा मामले में बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित हेराफेरी की आशंका सामने आने के बाद समिति ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीकेटीसी ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं और पूरे घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक स्तर पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और तथ्यों की पुष्टि के लिए आंतरिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए शुरुआती कदम
समिति ने जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारी को दान गणना और प्रोटोकॉल से जुड़ी जिम्मेदारियों से अलग कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल जांच जारी है और समिति की ओर से कहा गया है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।