SkillTraining – अगस्त से आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी शुरू होंगे कौशल आधारित पाठ्यक्रम
SkillTraining- उत्तर प्रदेश सरकार सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के आश्रम पद्धति विद्यालयों में अगस्त से कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।

आधुनिक कौशल पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में अटल आवासीय विद्यालयों में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि बदलते समय में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वे रोजगार और स्वरोजगार दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर हासिल कर सकें। उन्होंने सभी योजनाओं के पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
आईटीआई में बढ़ेंगे रोजगारपरक पाठ्यक्रम
कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में युवाओं के लिए अधिक संख्या में अल्पकालिक और रोजगार केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में केवल तकनीकी विषयों तक सीमित न रहकर सॉफ्ट स्किल, डिजिटल लर्निंग, संवाद क्षमता, इंटरव्यू की तैयारी, रिज्यूम लेखन और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों को भी शामिल किया जाए। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की रोजगार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक योग्यता दोनों में वृद्धि होगी।
योजनाओं की नियमित होगी निगरानी
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की प्रत्येक योजना की जिला और मुख्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रशिक्षण केंद्रों की प्रगति पर लगातार नजर रखने और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि प्रशिक्षण संस्थानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
रोजगार मेलों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने पर जोर
बैठक में उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय विकसित करने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएं, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को आसानी से रोजगार मिल सके। उन्होंने निर्देश दिया कि आईटीआई और कौशल विकास संस्थानों में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाई जाए। साथ ही, प्रशिक्षण पूरा कर रोजगार या स्वरोजगार हासिल करने वाले युवाओं की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, जिससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल सके।