Badrinath Temple – चढ़ावा गड़बड़ी मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया मुख्य आरोपी
Badrinath Temple – बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से विस्तृत पूछताछ की और उससे जुड़े विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया। मामले की जांच पुलिस के साथ-साथ शासन द्वारा गठित विशेष समिति भी कर रही है।

रिमांड के दौरान जुटाए गए अहम साक्ष्य
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी के देहरादून स्थित आवास और बदरीनाथ में उसके कमरे की तलाशी ली गई। जांच के दौरान उसके घर से एक चांदी की मूर्ति और पीली धातु की एक वस्तु बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बदरीनाथ स्थित कमरे से चांदी के सिक्के और नेपाली मुद्रा भी मिली। पुलिस ने बैंक खातों और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अदालत ने भेजा न्यायिक हिरासत में
प्रमोद नौटियाल को 28 जुलाई 2026 से पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उसे पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया।
शासन की समिति भी कर रही जांच
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शासन ने आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति ने मंदिर प्रशासन से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए देहरादून बुलाया है। इनमें वर्तमान मंदिर अधिकारी के अलावा गणना कक्ष और प्रोटोकॉल कक्ष से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। समिति मामले के प्रशासनिक और प्रक्रियागत पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सह-आरोपी की संपत्ति की होगी जांच
पुलिस का कहना है कि अब जांच का दायरा सह-आरोपी राजेंद्र चौहान तक बढ़ाया जाएगा। राजेंद्र चौहान पूर्व में मंदिर अधिकारी रह चुके हैं और चढ़ावा गणना व्यवस्था से भी जुड़े रहे थे। वह 30 जून को बीकेटीसी से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस अब उनकी संपत्ति और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच करेगी ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
जांच जारी, सभी पहलुओं की होगी पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में एकत्र किए जा रहे साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियों का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। फिलहाल मामले की जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है।