Parliament Protest – संसद परिसर के प्रदर्शन पर सांसद पप्पू यादव के खिलाफ हुई शिकायत
Parliament Protest – संसद परिसर में हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने दी है। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान अपनाए गए तरीके से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की तथ्यात्मक पड़ताल की जा रही है।

प्रदर्शन को लेकर उठे सवाल
शिकायतकर्ता का कहना है कि संसद परिसर में आयोजित विरोध प्रदर्शन की प्रस्तुति धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों के प्रति आपत्तिजनक थी। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साधु के वेश में किया गया था विरोध
शुक्रवार को संसद परिसर में आयोजित विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव साधु के वेश में पहुंचे थे। यह प्रदर्शन अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप और 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया था। इस दौरान सांकेतिक तरीके से विरोध दर्ज कराया गया।
दान पेटियों के माध्यम से दिया गया संदेश
प्रदर्शन के दौरान संसद के मकर द्वार के सामने दान पेटियां रखी गई थीं। पप्पू यादव उन पेटियों के साथ बैठे, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से उनमें राशि डाली। इसके बाद पप्पू यादव ने उस राशि को अपनी जेब में रखकर इसे राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों का प्रतीक बताया। विपक्ष ने इस पूरे प्रदर्शन को सांकेतिक राजनीतिक विरोध बताया।
कई विपक्षी नेताओं ने लिया हिस्सा
इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। सभी सांसद एक साझा बैनर के साथ मौजूद थे, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े सवाल उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग भी की।
छात्र आंदोलन को लेकर भी उठाए गए मुद्दे
इस घटनाक्रम से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने सार्वजनिक बयान में कहा था कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि कार्रवाई संबंधित अधिकारियों की जानकारी या स्वीकृति से हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी भी स्पष्ट होनी चाहिए।
फिलहाल जहांगीरपुरी पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।