Prayagraj Road Accident: प्रयागराज में तेज रफ्तार एंबुलेंस ने दो छात्रों को रौंदा, आक्रोशित ग्रामीणों ने की चालक की पिटाई
Prayagraj Road Accident: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक अत्यंत दुखद और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। घूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार की दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने दो मासूम परिवारों के चिराग बुझा दिए। सड़क किनारे अपनी साइकिल के साथ खड़े दो किशोर छात्रों को एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार एंबुलेंस ने जोरदार टक्कर मार दी। इस (Fatal Highway Collision) की चपेट में आने से एक छात्र ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कानून हाथ में लेते हुए एंबुलेंस कर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

कांटी गांव के दो होनहार छात्रों की दर्दनाक मौत
हादसे का शिकार हुए किशोर घूरपुर के कांटी गांव के रहने वाले थे। 15 वर्षीय रिंकू पटेल, जो हाईस्कूल का छात्र था और उसका पड़ोसी 13 वर्षीय शोभित पटेल, जो कक्षा छह में पढ़ता था, दोपहर के समय घर से महज सौ मीटर की दूरी पर हाईवे के किनारे एक दुकान के पास खड़े थे। तभी रीवा की ओर से आ रही एंबुलेंस ने (Speeding Vehicle Impact) के कारण संतुलन खो दिया और सीधे इन बच्चों को कुचलते हुए सड़क किनारे खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रिंकू का शरीर एंबुलेंस के अगले हिस्से में बुरी तरह फंस गया था।
ग्रामीणों का आक्रोश और एंबुलेंस कर्मियों की पिटाई
जैसे ही एक्सीडेंट की खबर गांव में फैली, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। बच्चों की हालत देख लोगों का खून खौल उठा और उन्होंने एंबुलेंस के चालक और उसके साथ मौजूद मेडिकल टेक्नीशियन को पकड़ लिया। भीड़ ने दोनों की (Public Fury Incident) के दौरान जमकर पिटाई कर दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद दोनों कर्मियों को भीड़ से बचाया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एसीपी कौंधियारा और एसीपी बारा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे।
जाम के कारण समय पर नहीं मिल सका इलाज
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत कर एंबुलेंस में फंसे रिंकू को बाहर निकाला। दोनों घायल छात्रों को तत्काल जसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रिंकू को मृत घोषित कर दिया। वहीं शोभित की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल के लिए रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, रास्ते में लगे (Traffic Congestion Delay) की वजह से एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकी और शोभित ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ दो मौतों से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सहारनपुर में भी दो कारों के बीच भीषण भिड़ंत
प्रयागराज की इस घटना के अलावा यूपी के सहारनपुर जिले से भी एक बड़े सड़क हादसे की खबर मिली है। थाना देवबंद क्षेत्र के स्टेट हाईवे पर घलौली चेक पोस्ट के पास शुक्रवार देर शाम दो कारें आपस में टकरा गईं। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरनगर की ओर जा रही एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर फांदकर दूसरी तरफ से आ रही कार से भिड़ गई। इस (Head-on Car Crash) में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की अनदेखी
इन दोनों घटनाओं ने उत्तर प्रदेश के हाईवे पर सुरक्षा और रफ्तार के कहर को एक बार फिर उजागर कर दिया है। एंबुलेंस जैसी जीवन रक्षक गाड़ियों का इस तरह अनियंत्रित होकर मासूमों को कुचलना प्रशासनिक चौकसी पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों ने (Road Safety Regulations) को सख्ती से लागू करने और हाईवे के किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दोनों मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और एंबुलेंस चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।



