BikeCare – तेज धूप में घंटों खड़ी बाइक को हो सकते हैं कई नुकसान
BikeCare – उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और लू चलने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौसम का असर सिर्फ इंसानों की सेहत तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिलों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बाइक को तेज धूप में खड़ा रखना वाहन के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकता है।

शहरों में पार्किंग की कमी के चलते बड़ी संख्या में लोग मजबूरी में अपनी बाइक खुले में खड़ी करते हैं। लगातार गर्मी और सूरज की तेज किरणों के संपर्क में रहने से बाइक की कार्यक्षमता और बाहरी हालत दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
पेट्रोल की खपत पर पड़ सकता है असर
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप में बाइक का फ्यूल टैंक काफी गर्म हो जाता है। अत्यधिक तापमान के कारण पेट्रोल तेजी से वाष्प में बदलने लगता है, जिससे ईंधन की अनावश्यक खपत बढ़ सकती है। कई बार लोग बिना बाइक चलाए ही माइलेज कम होने की शिकायत करते हैं, जिसके पीछे यह एक बड़ा कारण हो सकता है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि लगातार गर्मी में रहने से फ्यूल टैंक के ढक्कन की रबर कमजोर पड़ने लगती है। इससे पेट्रोल के वाष्पीकरण की संभावना और बढ़ जाती है।
पेंट और प्लास्टिक पार्ट्स पर दिखने लगता है असर
लगातार धूप में खड़ी रहने से बाइक के रंग और चमक पर भी असर पड़ता है। सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें धीरे-धीरे पेंट की गुणवत्ता को कमजोर कर देती हैं, जिससे बाइक पुरानी और फीकी दिखाई देने लगती है।
इसके अलावा बाइक में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और फाइबर के हिस्से भी गर्मी की वजह से कमजोर हो सकते हैं। मडगार्ड, साइड पैनल और इंडिकेटर जैसे हिस्सों में दरार आने या टूटने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक धूप में रहने से ये पार्ट्स कठोर हो जाते हैं और हल्के झटके में भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
इंजन और सीट पर भी पड़ता है प्रभाव
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक अत्यधिक तापमान इंजन ऑयल की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है। गर्मी बढ़ने पर इंजन ऑयल की चिकनाहट कम होने लगती है, जिससे इंजन के अंदर घर्षण बढ़ सकता है। इसका असर बाइक की परफॉर्मेंस और इंजन की उम्र दोनों पर पड़ सकता है।
वहीं सीट कवर पर भी तेज धूप का असर साफ दिखाई देता है। लेदर या रेक्सिन की सीट लगातार गर्मी में रहने से सख्त हो सकती है और समय के साथ उसमें दरारें पड़ने लगती हैं।
टायर और बैटरी के लिए भी बढ़ता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में टायर के अंदर की हवा फैलने लगती है। यदि टायर पहले से कमजोर या घिसे हुए हों तो अत्यधिक दबाव के कारण उनके फटने का जोखिम बढ़ सकता है। यह स्थिति चलते समय दुर्घटना का कारण भी बन सकती है।
इसी तरह बाइक की बैटरी पर भी गर्मी का असर पड़ता है। अधिक तापमान के कारण बैटरी के भीतर मौजूद तरल पदार्थ तेजी से सूख सकता है, जिससे बैटरी की क्षमता और उम्र दोनों कम हो सकती हैं।
गर्मियों में बाइक को सुरक्षित रखने के उपाय
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जहां संभव हो, बाइक को छायादार स्थान पर पार्क करना चाहिए। लंबे समय तक धूप में खड़ा करने की स्थिति में बाइक कवर का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। साथ ही समय-समय पर इंजन ऑयल, टायर प्रेशर और बैटरी की जांच कराते रहना जरूरी माना जाता है।