SolarPanels – धूल और गंदगी से घट सकती है सोलर पैनलों की क्षमता, फटाफट करें साफ…
SolarPanels – बिजली के बढ़ते खर्च के बीच बड़ी संख्या में लोग अब अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। सौर ऊर्जा को लंबे समय तक किफायती और उपयोगी बनाए रखने के लिए केवल पैनल लगाना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसकी नियमित देखभाल भी बेहद जरूरी होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सोलर पैनलों की समय-समय पर सफाई न की जाए तो बिजली उत्पादन में बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

खुले वातावरण में लगे होने की वजह से सोलर पैनलों पर धीरे-धीरे धूल, मिट्टी, प्रदूषण और पक्षियों की गंदगी जमा होने लगती है। शुरुआत में यह मामूली लग सकता है, लेकिन लगातार जमा होने वाली यह परत पैनलों की कार्यक्षमता को कम कर देती है।
धूल जमने से क्यों घटता है बिजली उत्पादन
तकनीकी विशेषज्ञ बताते हैं कि सोलर पैनल सीधे सूर्य की रोशनी से ऊर्जा बनाते हैं। जब पैनल की सतह पर धूल या गंदगी की मोटी परत जम जाती है, तो सूर्य की किरणें पूरी तरह अंदर नहीं पहुंच पातीं। इस स्थिति को तकनीकी भाषा में ‘सोइलिंग इफेक्ट’ कहा जाता है। इसकी वजह से बिजली उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक घट सकता है।
कम उत्पादन का सीधा असर बिजली बिल पर भी पड़ता है। जिन लोगों ने बिजली बचाने के उद्देश्य से सोलर सिस्टम लगवाया है, उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता और ग्रिड बिजली पर निर्भरता बढ़ जाती है।
लंबे समय तक गंदगी रहने से बढ़ सकता है नुकसान
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि किसी हिस्से पर चिड़ियों की बीट या जमी हुई गंदगी लंबे समय तक बनी रहे, तो वह हिस्सा जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है। इससे पैनल के भीतर तकनीकी खराबी आने का खतरा बढ़ जाता है। कई मामलों में पैनल की सतह और अंदरूनी संरचना को स्थायी नुकसान भी पहुंच सकता है।
यही कारण है कि सोलर सिस्टम लगाने के बाद उसकी नियमित निगरानी और सफाई को जरूरी माना जाता है।
सोलर पैनल साफ करने का सही तरीका
सफाई के दौरान कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पैनलों को साफ करने के लिए केवल साफ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। तेज केमिकल, डिटर्जेंट या कठोर सफाई सामग्री पैनल की सतह को नुकसान पहुंचा सकती है।
सफाई करते समय मुलायम कपड़े, स्पंज या रबर वाइपर का उपयोग बेहतर माना जाता है। लोहे के ब्रश या कठोर झाड़ू से पैनल पर खरोंच आ सकती है, जिससे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
सफाई के लिए सही समय का रखें ध्यान
तकनीकी जानकारों के अनुसार सोलर पैनलों की सफाई सुबह जल्दी या शाम के समय करनी चाहिए। दोपहर में पैनल काफी गर्म हो जाते हैं और उस समय ठंडा पानी डालने से शीशे पर थर्मल दबाव पड़ सकता है। इससे पैनल का ग्लास टूटने या चटकने का खतरा बढ़ जाता है।
छत पर सफाई करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। गीले पैनलों पर पैर रखने से फिसलने की आशंका रहती है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
नियमित मेंटेनेंस से बढ़ती है कार्यक्षमता
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण वाले क्षेत्रों में हर 15 दिन के अंतराल पर सोलर पैनलों की सफाई करना फायदेमंद हो सकता है। खारे पानी से पैनल धोने से बचना चाहिए क्योंकि सूखने के बाद नमक की परत जम सकती है, जो रोशनी को प्रभावित करती है।
सही तरीके से देखभाल करने पर सोलर पैनल लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करते हैं और घरों को लगातार कम लागत में बिजली उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।