PowerCut – भीषण गर्मी में यूपी में बढ़ी बिजली कटौती से लोग परेशान
PowerCut – उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बिजली संकट लोगों की बड़ी परेशानी बन गया है। कई शहरों और गांवों में अघोषित कटौती के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कहीं पेयजल व्यवस्था ठप पड़ रही है तो कहीं छोटे उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है। दिन और रात दोनों समय हो रही बिजली की आंख-मिचौली से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

प्रदेश में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी लगातार रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है। ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है और मांग 31 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है। विभाग को आशंका है कि महीने के अंत तक यह मांग 33 हजार मेगावाट तक जा सकती है।
अघोषित कटौती से बढ़ी दिक्कत
बिजली विभाग के सूत्रों के मुताबिक, आधिकारिक तौर पर शहरों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति का रोस्टर तय है। लेकिन मांग बढ़ने पर कई इलाकों में बिना पूर्व सूचना के कटौती की जा रही है। अभियंताओं का कहना है कि उच्च स्तर से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति कम करनी पड़ती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। कई गांवों में लोगों को तय समय से काफी कम बिजली मिल रही है। किसानों, दुकानदारों और घरेलू उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर झेलना पड़ रहा है। लगातार कटौती के कारण कई जगह लोग बिजली उपकेंद्रों तक पहुंचकर विरोध भी जता रहे हैं।
संसाधनों और मांग के बीच बड़ा अंतर
विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह मांग और उपलब्ध संसाधनों के बीच का अंतर है। प्रदेश में करोड़ों उपभोक्ता हैं और स्वीकृत भार मौजूदा वितरण क्षमता से कहीं अधिक हो चुका है। जब एक साथ बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल करते हैं तो ट्रांसफॉर्मर, केबल और अन्य उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
अधिकारियों के अनुसार, कई क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफॉर्मर खराब होने और केबल जलने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली व्यवस्था पर और दबाव बढ़ गया है।
शहर और गांव दोनों प्रभावित
हालांकि बिजली कटौती का असर पूरे प्रदेश में देखा जा रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में समस्या ज्यादा गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में शिकायत और विरोध ज्यादा होने के कारण वहां जल्दी सुधार किया जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक कटौती जारी रहती है।
कई इलाकों में स्थानीय फॉल्ट भी बड़ी समस्या बन रहे हैं। बिजली लाइनों और उपकरणों पर अधिक दबाव पड़ने से बार-बार खराबी आ रही है, जिससे आपूर्ति बाधित हो रही है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में लगातार बिजली जाने से रात में सोना तक मुश्किल हो गया है।
विभाग ने सुधार के दावे किए
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का कहना है कि प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति की जा रही है और विभाग लगातार व्यवस्था सुधारने में जुटा है। उन्होंने बताया कि नए सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं और ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार, बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को अधिकतम राहत दी जा सके। हालांकि मौजूदा गर्मी और बढ़ती मांग के बीच लोगों को फिलहाल राहत मिलने के संकेत कम दिखाई दे रहे हैं।