अंतर्राष्ट्रीय

USChina – चीन के खिलाफ प्रतिबंध तेज करने की तैयारी में अमेरिका

USChina – अमेरिका में चीन को लेकर सख्त नीति अपनाने की दिशा में एक नया विधायी कदम उठाया गया है। दो वरिष्ठ रिपब्लिकन सांसदों ने ऐसा विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य चीन के सैन्य और औद्योगिक नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों पर जल्द प्रतिबंध लगाना है। अमेरिकी सांसदों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अब कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। नए विधेयक को अमेरिकी सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

नया कानून क्या प्रस्तावित करता है

रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट और प्रतिनिधि एलिस स्टेफानिक ने ‘सीसीपी सैंक्शंस शॉट क्लॉक एक्ट’ नाम का विधेयक पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को उन चीनी कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।

विधेयक के अनुसार, अमेरिकी सरकार द्वारा पहचानी गई संदिग्ध चीनी संस्थाओं को एक वर्ष के भीतर ट्रेजरी विभाग की विशेष निगरानी सूची में शामिल करना अनिवार्य होगा। इसके जरिए प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।

मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव होगा

फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति हर दो वर्ष में ऐसी रिपोर्ट जारी करते हैं, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम मानी जाने वाली चीनी संस्थाओं की पहचान की जाती है। हालांकि मौजूदा कानून में ट्रेजरी विभाग के लिए कार्रवाई की कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं है।

नए विधेयक का उद्देश्य इसी व्यवस्था में बदलाव करना है। प्रस्ताव के मुताबिक, रिपोर्ट जारी होने के एक साल के भीतर संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों पर कार्रवाई करना जरूरी होगा। इसके बाद संशोधित सूची को आधिकारिक तौर पर प्रकाशित भी किया जाएगा।

सांसदों ने जताई सुरक्षा चिंता

सीनेटर रिक स्कॉट ने कहा कि जिन संस्थाओं को अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है, उनके खिलाफ तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन के सैन्य हितों से जुड़ी कंपनियों को अमेरिकी आर्थिक व्यवस्था का लाभ नहीं मिलना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अधिक सतर्क और निर्णायक रवैया अपनाने की जरूरत है। सांसदों का मानना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए कठोर आर्थिक और रणनीतिक कदम जरूरी हैं।

आर्थिक निर्भरता कम करने पर जोर

प्रतिनिधि एलिस स्टेफानिक ने कहा कि यह प्रस्ताव चीन से जुड़ी कंपनियों पर अमेरिकी निर्भरता कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को उन कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए, जो चीन के सैन्य विस्तार या रणनीतिक गतिविधियों से जुड़ी हैं।

स्टेफानिक के अनुसार, पिछले वर्ष भी कांग्रेस ने प्रशासन से उन चीनी कंपनियों की सूची मांगी थी, जिन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। नया विधेयक इस प्रक्रिया को और तेज करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

अमेरिका-चीन संबंधों पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विधेयक कानून का रूप लेता है, तो अमेरिका और चीन के बीच तनाव और बढ़ सकता है। दोनों देशों के बीच पहले से ही व्यापार, तकनीकी नियंत्रण और वैश्विक प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा चल रही है।

अमेरिका की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उठाए जा रहे कदमों को चीन पहले भी आलोचना के साथ देखता रहा है। आने वाले समय में इस विधेयक को लेकर दोनों देशों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।

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