Horticulture – किसानों की आय बढ़ाने पर शिवराज सिंह चौहान ने दिया जोर
Horticulture – केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में बागवानी को अहम बताया है। गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए खेती में नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन को अपनाना जरूरी होगा। उन्होंने फलों के उत्पादन, निर्यात और फसल संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी भी दी।

पौध से फल तक बनेगा एकीकृत प्लेटफॉर्म
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही ऐसा एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जो पौध तैयार होने से लेकर फल बाजार तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पर काम करेगा। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद और बाजार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि फसल सुरक्षा, गुणवत्ता सुधार और कटाई के बाद फलों के सही प्रबंधन के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। ये टीमें किसानों को प्रशिक्षण भी देंगी, ताकि उत्पादन के साथ-साथ उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर हो सके।
बागवानी को बढ़ावा देने पर फोकस
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गेहूं और धान उत्पादन में देश ने अच्छी प्रगति की है, लेकिन अब बागवानी क्षेत्र को भी तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने खास तौर पर उत्तर प्रदेश की जलवायु को फलों की खेती के लिए अनुकूल बताया।
मंत्री ने मलिहाबाद के आमों का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी हुई है और इसे और मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों में भारतीय आमों की मांग लगातार बढ़ रही है।
यूपी में खुलेंगे क्लीन प्लांट सेंटर
कृषि मंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य किसानों को रोगमुक्त और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को भी इस काम में सहयोग दिया जाएगा।
सरकार ने आम, केला और अंगूर के निर्यात में वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों के अनुसार, आम और केले के निर्यात में पांच प्रतिशत तथा अंगूर के निर्यात में 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है।
नए बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी
मंत्री ने बताया कि भारतीय फलों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और कोरिया जैसे देशों में भारतीय आम भेजने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि आम की शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर भी काम चल रहा है। फिलहाल इसे 25 से 30 दिनों तक सुरक्षित रखने में सफलता मिली है और अब इसे 40 से 50 दिन तक बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे समुद्री मार्ग से निर्यात आसान हो सकेगा और लागत भी कम होगी।
निर्यात सुविधा केंद्र बनाने की योजना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक विशेष निर्यात केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे किसानों और निर्यातकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही राज्य में आठ कृषि क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने आगरा में आलू अनुसंधान केंद्र शुरू होने की जानकारी भी दी। पुराने बागों के पुनर्विकास, मशीनों के इस्तेमाल और इंटर क्रॉपिंग जैसी तकनीकों पर भी जोर दिया गया।
उत्पादन के साथ प्रबंधन भी जरूरी
कृषि मंत्री ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसानों की आय में वास्तविक सुधार के लिए उत्पादन से पहले और उत्पादन के बाद के प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों को तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने समुद्री परिवहन और एयर कार्गो से जुड़े कर ढांचे की विसंगतियों को दूर करने का भी आश्वासन दिया, ताकि कृषि निर्यात को और अधिक बढ़ावा मिल सके।