उत्तर प्रदेश

Ayodhya – एसआईटी के समक्ष पहुंचे संजय सिंह, सौंपे जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज

Ayodhya – आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को अयोध्या में चल रही जांच से जुड़े घटनाक्रम के बीच विशेष जांच समिति (SIT) के प्रमुख विजय विश्वास पंत से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर से जुड़े कुछ भूमि सौदों में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उपलब्ध दस्तावेज जांच समिति को सौंप दिए गए हैं ताकि उनकी निष्पक्ष जांच की जा सके। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से इस खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जमीन खरीद को लेकर लगाए आरोप

संजय सिंह ने कहा कि अयोध्या में कुछ भूमि खरीद मामलों में कीमतों में कम समय के भीतर बड़ा अंतर देखने को मिला। उनके अनुसार, कुछ संपत्तियां पहले कम मूल्य पर खरीदी गईं और बाद में अधिक कीमत पर लेन-देन हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों की गहराई से जांच होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज एसआईटी को सौंपे हैं और अब आगे की कार्रवाई जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में है।

जांच प्रक्रिया पर टिकी निगाहें

मीडिया से बातचीत के दौरान संजय सिंह ने कहा कि जांच समिति ने दस्तावेज प्राप्त कर उन्हें नियमानुसार जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तुत किए गए रिकॉर्ड और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

इस बीच, एसआईटी की प्रारंभिक जांच से जुड़ी जानकारी में यह सामने आया है कि वर्ष 2020 में ट्रस्ट के गठन के शुरुआती महीनों के दौरान एक निजी ऑडिट फर्म ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता बताई थी। रिपोर्ट में दान प्रबंधन, आभूषणों के रिकॉर्ड, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े कुछ बिंदुओं पर ध्यान देने की सिफारिश की गई थी।

ऑडिट रिपोर्ट में सुझाए गए थे सुधार

सूत्रों के अनुसार, ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया था कि वित्तीय अभिलेखों को अधिक व्यवस्थित बनाने, स्पष्ट प्रशासनिक ढांचा विकसित करने और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में लेन-देन के रिकॉर्ड, डेटा प्रबंधन, मानव संसाधन और दस्तावेजों के रखरखाव के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने का सुझाव भी दिया गया था। यह भी कहा गया था कि मजबूत निगरानी प्रणाली से पारदर्शिता और जवाबदेही को और सुदृढ़ किया जा सकता है।

दान और डिजिटल रिकॉर्ड पर भी दिए गए सुझाव

रिपोर्ट में नकद के अलावा अन्य प्रकार के दान और आभूषणों के लिए व्यवस्थित स्टॉक रजिस्टर तैयार करने तथा बैंक समन्वय और वित्तीय निगरानी के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता का उल्लेख किया गया था। साथ ही डेटा सुरक्षा, डिजिटल रिकॉर्ड के सत्यापन और सूचना प्रबंधन से जुड़े नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने की भी सिफारिश की गई थी। जांच एजेंसियां अब उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों का परीक्षण कर रही हैं। मामले में आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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