VoterListRevision – पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पूरी, लाखों नाम हटे
VoterListRevision – पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से पूरी हो चुकी है। सोमवार रात समाप्त हुई इस प्रक्रिया के बाद राज्य में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के शुरुआती आकलन के मुताबिक यह संख्या करीब 91 लाख तक पहुंच गई है, हालांकि अंतिम आंकड़ों में मामूली बदलाव की संभावना बनी हुई है क्योंकि कुछ मामलों में औपचारिक प्रक्रियाएं अभी पूरी होनी बाकी हैं।

न्यायिक प्रक्रिया के बाद अंतिम स्थिति
मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिन मामलों को न्यायिक समीक्षा के लिए भेजा गया था, उनमें से अधिकांश पर निर्णय लिया जा चुका है। कुल 60 लाख से अधिक मामलों में से लगभग 59.84 लाख मामलों पर ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनमें से करीब 27.16 लाख नामों को हटाए जाने योग्य माना गया और सूची से बाहर कर दिया गया।
कुल हटाए गए मतदाताओं का आंकड़ा
पूरी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अब तक राज्य में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90.83 लाख तक पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही शेष मामलों की प्रक्रिया पूरी होगी, इस आंकड़े में थोड़ा और इजाफा हो सकता है। यह बदलाव राज्य की चुनावी तस्वीर पर भी असर डाल सकता है।
मतदाता सूची में बदलाव की पृष्ठभूमि
जब इस प्रक्रिया की शुरुआत के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, उस समय राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से अधिक थी। इसके बाद दिसंबर में जारी प्रारंभिक सूची में करीब 58 लाख नाम हटाए गए थे। फरवरी में प्रकाशित अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 63.66 लाख हो गई थी। अब न्यायिक समीक्षा के बाद यह आंकड़ा काफी बढ़ चुका है।
अपील का विकल्प भी उपलब्ध
जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए अपील का रास्ता खुला रखा गया है। इसके लिए राज्य में 19 अपीलीय न्यायाधिकरण बनाए गए हैं, जहां प्रभावित लोग अपनी बात रख सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि किसी भी योग्य मतदाता को गलती से अधिकार से वंचित न किया जाए।
जिलों के अनुसार स्थिति
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा नाम मुर्शिदाबाद जिले से हटाए गए हैं, जहां यह संख्या 4.55 लाख से अधिक है। इसके बाद उत्तर 24 परगना से करीब 3.25 लाख और मालदा जिले से लगभग 2.39 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं। इन जिलों में बड़ी संख्या में मामलों के सामने आने से प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया।
शेष मामलों पर काम जारी
अब भी करीब 22 हजार से अधिक मामलों में ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद अंतिम आंकड़े स्पष्ट हो जाएंगे। इसके साथ ही पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।