RGKarHearing – आज नई बेंच करेगी आरजी कर मामले की सुनवाई
RGKarHearing – कोलकाता के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मामले में मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की नई डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी। इस बेंच में जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष शामिल हैं। अदालत की कार्यसूची के अनुसार मामले की सुनवाई दोपहर एक बजे शुरू होने की संभावना है। यह मामला महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना से जुड़ा है, जिसने पूरे देश में व्यापक चर्चा पैदा की थी।

पहले की बेंच ने खुद को किया था अलग
इससे पहले मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस राजशेखर मंथा की बेंच ने मई में खुद को इस केस से अलग कर लिया था। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि इस संवेदनशील मामले में जल्द सुनवाई और स्पष्ट दिशा जरूरी है। इसके बाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने नई डिवीजन बेंच का गठन करते हुए सभी संबंधित याचिकाएं इसी पीठ को सौंप दी थीं।
परिवार की याचिका भी होगी शामिल
नई बेंच के सामने पीड़ित परिवार की वह याचिका भी रखी जाएगी, जिसमें उन्होंने घटनास्थल पर जाने की अनुमति मांगी है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपराध स्थल देखने और मामले की स्थिति समझने का अधिकार मिलना चाहिए। यह मांग पहले भी अदालत के सामने रखी जा चुकी है और अब नई बेंच इस पर आगे विचार करेगी।
सीबीआई और राज्य सरकार के रुख में अंतर
मामले में पहले एक महत्वपूर्ण विवाद तब सामने आया था, जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने परिवार को घटनास्थल पर जाने पर आपत्ति नहीं जताई थी, जबकि तत्कालीन राज्य सरकार ने इसका विरोध किया था। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि जब जांच एजेंसी को कोई आपत्ति नहीं है, तो राज्य सरकार इस अनुमति का विरोध क्यों कर रही है।
अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
हाल ही में राज्य सरकार ने मामले से जुड़े कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई भी की है। पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल समेत दो अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया है। आरोप है कि शुरुआती जांच के दौरान मामले को गंभीरता से नहीं संभाला गया और बाद में जांच सीबीआई को सौंपनी पड़ी।
संदीप घोष के खिलाफ भी अनुमति
राज्य सरकार ने अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुमति भी दे दी है। यह अनुमति प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी को वित्तीय अनियमितताओं के मामले में दी गई है। बताया गया है कि पहले यह मंजूरी लंबित थी। अब एजेंसियां वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पहलुओं की अलग से जांच आगे बढ़ा सकेंगी।
अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं जांच
फिलहाल सीबीआई महिला डॉक्टर की मौत और अस्पताल परिसर से जुड़े वित्तीय मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। वहीं ईडी वित्तीय अनियमितताओं के पहलू पर ध्यान दे रही है। इस पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई को सौंपी गई थी। अब नई बेंच की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।