Parliament – संसद परिसर में NEET विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन, अमित शाह से मांगी जवाबदेही
Parliament- नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सोमवार को संसद परिसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने और माफी मांगने की मांग की।

संसद परिसर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे तथा छात्रों के समर्थन में नारे लगाए। पार्टी का आरोप है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों के साथ पुलिस ने अनुचित व्यवहार किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार का अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
विपक्ष ने सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। विपक्षी नेताओं ने मांग की कि कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गलत कार्रवाई हुई है तो संबंधित लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री को लिखा पत्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटनाओं पर चिंता जताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर किए गए बल प्रयोग की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी और क्या इस संबंध में गृह मंत्रालय की कोई भूमिका थी।
लोकतांत्रिक अधिकारों का उठाया मुद्दा
अपने पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार संविधान देता है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह विरोध कर रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे तथा उनकी शिकायतों का समाधान संवाद के माध्यम से निकाले। राहुल गांधी के अनुसार, छात्रों से जुड़े इस मामले ने देशभर में कई सवाल खड़े किए हैं और युवाओं की चिंताओं का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।