CyberFraud – नकली ट्रेडिंग ऐप के झांसे में वकील से की गई करीब 79 लाख रुपये की ठगी
CyberFraud- महाराष्ट्र के लोनावाला में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक 40 वर्षीय महिला वकील से करीब 79 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, खुद को एक प्रतिष्ठित ब्रोकरेज कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले साइबर ठगों ने महिला को ऊंचे मुनाफे और विशेष निवेश अवसरों का भरोसा दिलाकर बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यूट्यूब विज्ञापन से शुरू हुआ पूरा मामला
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, पीड़िता पहले से शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करती थीं। जून के दौरान उन्होंने यूट्यूब पर शेयर बाजार से जुड़े एक विज्ञापन पर क्लिक किया। इसके बाद उन्हें एक प्रतिष्ठित ब्रोकरेज कंपनी के नाम से बनाए गए कथित व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में फर्जी सेबी पंजीकरण, कथित निवेश विशेषज्ञों और ट्रेडिंग सलाहकारों की जानकारी साझा की गई, जिससे महिला को यह मंच वास्तविक प्रतीत हुआ।
शुरुआती भुगतान लौटाकर जीता भरोसा
ग्रुप से जुड़े लोगों ने महिला को एक ट्रेडिंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी। शुरुआत में उन्होंने कम राशि निवेश की, जिसके बदले ऐप पर अच्छा लाभ दिखाई देने लगा। पुलिस के अनुसार, जब महिला ने लगभग 4 लाख रुपये निकालने का प्रयास किया तो वह रकम उनके खाते में पहुंच गई। इस प्रक्रिया से उनका भरोसा और मजबूत हो गया तथा उन्होंने आगे भी निवेश जारी रखा।
बड़े मुनाफे और आकर्षक लाभ का दिया लालच
जांच में सामने आया है कि बाद में महिला को प्रीमियम ट्रेडिंग, विशेष आईपीओ और अधिक रिटर्न वाले निवेश विकल्पों का प्रस्ताव दिया गया। इसके साथ परिवार के लिए विदेश यात्रा, बच्चों की उच्च शिक्षा और मेडिक्लेम बीमा जैसे आकर्षक लाभों का भी दावा किया गया। इन वादों से प्रभावित होकर महिला ने अपनी बचत के अलावा 40 लाख रुपये का गोल्ड लोन भी लिया और ठगों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में रकम भेजती रहीं। जून के पहले सप्ताह से जुलाई के दूसरे सप्ताह के बीच उन्होंने कुल 78.98 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
रकम निकालने की कोशिश में सामने आई सच्चाई
पुलिस के अनुसार, नकली ट्रेडिंग ऐप में महिला के निवेश पर लगभग 7.3 करोड़ रुपये का लाभ दिखाया जा रहा था। हालांकि जब उन्होंने यह राशि निकालने का प्रयास किया तो उनसे कथित तौर पर लाभ का 5 प्रतिशत, यानी करीब 35 लाख रुपये, ब्रोकरेज शुल्क के रूप में जमा करने को कहा गया। इसी मांग के बाद उन्हें संदेह हुआ। महिला ने संबंधित ब्रोकरेज कंपनी के आधिकारिक संपर्क माध्यम से जानकारी ली, जहां उन्हें बताया गया कि कंपनी का ऐसा कोई व्हाट्सएप ग्रुप, मोबाइल ऐप या निवेश योजना संचालित नहीं की जा रही है। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और लोनावाला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।