राष्ट्रीय

FuelSaving – ईंधन बचत अभियान के बीच बाइक से विधान भवन पहुंचे फडणवीस

FuelSaving – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हाल में ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद कई राज्यों में जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने अपने स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को मोटरसाइकिल से मुंबई स्थित विधान भवन पहुंचे। वह वहां विधान परिषद के नए सदस्यों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री का यह कदम ईंधन संरक्षण को लेकर सरकार के संदेश को व्यवहारिक रूप से सामने रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

दक्षिण मुंबई तक मोटरसाइकिल से पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री फडणवीस अपने सरकारी आवास ‘वर्षा’ से दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन तक मोटरसाइकिल पर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ राज्य सरकार में मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार भी मौजूद रहे। सड़क पर मुख्यमंत्री को इस अंदाज में देखकर लोगों और सुरक्षा अधिकारियों के बीच भी हलचल देखी गई। हालांकि पूरी यात्रा तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ संपन्न कराई गई।

राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, यह केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं है बल्कि सरकारी स्तर पर ईंधन बचत से जुड़े कई निर्णयों को लागू करने की शुरुआत भी मानी जा रही है। हाल के दिनों में बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए ऊर्जा संरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क नजर आ रही हैं।

मंत्रियों के काफिले में कटौती के निर्देश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बुधवार को कई मितव्ययिता उपायों की घोषणा की थी। इसमें मंत्रियों के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम करना भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में गाड़ियों की संख्या लगभग आधी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को भी फिलहाल टालने का फैसला लिया गया है।

इसी क्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने भी अलग पहल करते हुए मंत्रालय तक पैदल पहुंचकर कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया। उनका कहना था कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े स्तर पर ईंधन की बचत संभव हो सकती है।

अन्य राज्यों में भी दिखा असर

प्रधानमंत्री की अपील का असर केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा। आंध्र प्रदेश में भी मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपने काफिलों का आकार कम करने का फैसला लिया है। इसके बाद राज्य के मंत्री नारा लोकेश ने भी सुरक्षा अधिकारियों को अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटाने के निर्देश दिए।

सूत्रों के अनुसार, अब उनके काफिले में सीमित संख्या में ही वाहन शामिल होंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इससे सरकारी खर्च में कमी आने के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण का संदेश भी आम लोगों तक पहुंचेगा।

केंद्र स्तर पर भी उठाए जा रहे कदम

ईंधन बचत को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर भी पहल जारी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के कार्यालय की ओर से बिहार सरकार को पत्र लिखकर उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा वाहनों की संख्या कम रखने का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम भी प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप उठाया गया है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी तंत्र स्तर पर इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहते हैं तो इससे संसाधनों की बचत के साथ प्रशासनिक खर्च में भी कमी लाई जा सकती है। साथ ही आम नागरिकों के बीच भी जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग को लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा।

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