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ElectionUpdate – तमिलनाडु में हार के बाद एमके स्टालिन ने दिया इस्तीफा

ElectionUpdate – तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार उनका इस्तीफा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को भेज दिया गया है। हाल ही में हुए चुनाव में अभिनेता विजय की अगुवाई वाली पार्टी टीवीके ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए सत्ता पर काबिज द्रमुक को पीछे छोड़ दिया, जिसके बाद यह राजनीतिक बदलाव लगभग तय माना जा रहा था।

हार के बाद जनता का जताया आभार

चुनावी नतीजों के बाद एमके स्टालिन ने जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और हर वोट उनके लिए महत्वपूर्ण है। स्टालिन ने स्पष्ट किया कि भले ही उनकी पार्टी सत्ता में नहीं लौट सकी, लेकिन जनता का समर्थन उनके लिए भरोसे का संकेत है, जिसे वे आगे भी बनाए रखने की कोशिश करेंगे।

सोशल मीडिया पर साझा किए आंकड़े

स्टालिन ने सोशल मीडिया के जरिए चुनावी आंकड़ों को भी सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि द्रमुक गठबंधन को इस चुनाव में करीब 1.54 करोड़ वोट प्राप्त हुए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विजेता दल और उनकी पार्टी के बीच वोटों का अंतर अपेक्षाकृत कम रहा। उनके मुताबिक यह अंतर लगभग 17 लाख वोटों का है, जो प्रतिशत के हिसाब से बहुत बड़ा अंतर नहीं माना जा सकता। इस बात को उन्होंने अपने समर्थकों के लिए हौसला बढ़ाने वाला बताया।

विपक्ष में मजबूत भूमिका निभाने का संकेत

इस्तीफे के बाद स्टालिन ने यह भी साफ कर दिया कि उनकी पार्टी अब विपक्ष में रहते हुए जनता के मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने कहा कि द्रमुक पहले भी कई बार सत्ता और विपक्ष दोनों भूमिकाओं में रह चुकी है, इसलिए यह स्थिति नई नहीं है। उनका कहना था कि अब पार्टी सरकार के फैसलों पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर जनता के हित में आवाज उठाएगी।

चुनाव नतीजों ने बदला सियासी समीकरण

इस बार के चुनाव परिणामों ने तमिलनाडु की राजनीति को नया मोड़ दिया है। टीवीके ने अपने पहले ही चुनाव में 107 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया है। हालांकि वह बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई है, लेकिन उसकी बढ़त ने पारंपरिक दलों के प्रभाव को कमजोर किया है। वहीं, द्रमुक 59 सीटों तक सिमट गई, जो उसके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

सरकार गठन को लेकर बढ़ी हलचल

अब सबसे बड़ा सवाल सरकार गठन को लेकर है। चूंकि टीवीके बहुमत से कुछ सीट दूर है, इसलिए उसे अन्य दलों का समर्थन लेना पड़ सकता है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि कांग्रेस, वामपंथी दलों और कुछ क्षेत्रीय दलों से बातचीत की संभावना बन सकती है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नई सरकार किस स्वरूप में सामने आती है।

स्टालिन की सीट पर भी बड़ा उलटफेर

इस चुनाव का एक अहम पहलू खुद एमके स्टालिन की हार भी रही। कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ रहे स्टालिन को टीवीके उम्मीदवार वीएस बाबू ने करीब 8,800 वोटों से हराया। यह नतीजा द्रमुक के लिए प्रतीकात्मक रूप से भी बड़ा झटका माना जा रहा है। वोट प्रतिशत की बात करें तो टीवीके ने सबसे अधिक हिस्सेदारी हासिल की, जबकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों का प्रदर्शन अपेक्षा से कमजोर रहा।

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