राष्ट्रीय

ElectionCase – 2014 आचार संहिता मामले में तेज हुई कुमार विश्वास समेत तीन नेताओं की सुनवाई

ElectionCase – वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़े आचार संहिता उल्लंघन मामले में कवि और पूर्व आम आदमी पार्टी नेता डॉ. कुमार विश्वास, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती और सत्येंद्र जैन की कानूनी चुनौती एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही है। यह मामला अब एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में पहुंच चुका है, जहां गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अगली तारीख 15 मई तय की गई। अदालत पहले ही तीनों आरोपियों को समन जारी कर चुकी है।

अमेठी चुनाव प्रचार से जुड़ा है पूरा मामला

यह मामला उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से संबंधित है। वर्ष 2014 के आम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ डॉ. कुमार विश्वास को चुनाव मैदान में उतारा था। आरोप है कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी पार्टी से जुड़े कुछ बाहरी लोग अमेठी के महमूदपुर स्थित आवास पर ठहरे हुए थे, जिसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।

प्रशासन की ओर से इसे चुनाव नियमों के खिलाफ मानते हुए कार्रवाई शुरू की गई थी। आरोपों के अनुसार, प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी निर्वाचन आयोग के निर्देशों के विपरीत थी। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने 2014 में दर्ज किया था मुकदमा

जानकारी के अनुसार, अमेठी के तत्कालीन कोतवाल मोहम्मद हमीद ने 5 मई 2014 को डॉ. कुमार विश्वास, सोमनाथ भारती और सत्येंद्र जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने 27 अक्टूबर 2014 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने उसी वर्ष 30 अक्टूबर को आरोपियों के खिलाफ समन जारी करने का आदेश दिया था। इसके बाद से मामला स्थानीय अदालत में विचाराधीन रहा।

विशेष अदालत में ट्रांसफर हुआ केस

अब तक यह मुकदमा एसीजेएम चतुर्थ की अदालत में चल रहा था। हालांकि, चूंकि मामले में पूर्व विधायक और राजनीतिक पदों से जुड़े लोगों के नाम शामिल हैं, इसलिए इसे एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है। विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में इस मामले की सुनवाई की जा रही है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत अब अदालत आगामी तारीख पर मामले से जुड़े दस्तावेजों और पक्षों की दलीलों पर आगे सुनवाई करेगी। फिलहाल तीनों नेताओं की ओर से मामले में सार्वजनिक रूप से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चुनावी मामलों पर बढ़ी निगरानी

बीते कुछ वर्षों में चुनाव आचार संहिता से जुड़े मामलों में अदालतों और निर्वाचन आयोग की सख्ती लगातार बढ़ी है। चुनाव प्रचार के दौरान निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर चुनावी नियमों के पालन को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.