Cauvery Water – कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट 13 अगस्त को करेगा सुनवाई
Cauvery Water को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें कर्नाटक को राज्य के हिस्से का कावेरी जल तुरंत छोड़ने का निर्देश देने की मांग की गई है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई 13 अगस्त को करेगी। तमिलनाडु सरकार का कहना है कि कम बारिश वाले वर्ष में उसे नदी के पानी का निर्धारित हिस्सा नहीं मिल पा रहा है।

तमिलनाडु ने तत्काल पानी छोड़ने की मांग की
तमिलनाडु की ओर से अदालत में पेश वकील ने पीठ को बताया कि पानी की उपलब्धता कम रहने के कारण राज्य के सामने अपने हिस्से के कावेरी जल को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। राज्य सरकार ने इसी आधार पर कर्नाटक से तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की है। तमिलनाडु सरकार ने इस मामले में तीन अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
पीठ में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन शामिल हैं। सुनवाई के दौरान तमिलनाडु की ओर से रखी गई दलीलों पर ध्यान देने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मामले को गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। अब दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे से जुड़े इस विवाद पर अदालत की अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है।
बारिश कम होने से बढ़ी पानी की चिंता
तमिलनाडु सरकार की ओर से अदालत में मुख्य चिंता यह बताई गई कि कम बारिश वाले वर्ष में राज्य को कावेरी से अपेक्षित मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। कावेरी नदी का पानी लंबे समय से दोनों राज्यों के बीच विवाद का विषय रहा है। पानी की उपलब्धता घटने पर दोनों राज्यों की जरूरतों और निर्धारित हिस्सेदारी को लेकर तनाव बढ़ता रहा है।
अब सुप्रीम कोर्ट के सामने तमिलनाडु की तत्काल राहत संबंधी मांग है। अदालत की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि राज्य की ओर से रखे गए तर्कों और मौजूदा जल स्थिति के आधार पर क्या निर्देश दिए जाते हैं। फिलहाल अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय है।
अयोध्या मामले में सुनवाई टालने का अनुरोध
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच से जुड़ी याचिकाओं का मामला भी आया। इन याचिकाओं में अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।
पीठ को बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मामले में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता संयुक्त राष्ट्र में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए हैं। इसके बाद अदालत से मामलों की सुनवाई अगले सप्ताह करने का आग्रह किया गया। पीठ ने इस अनुरोध पर विचार करने पर सहमति जताई है।
13 अगस्त की सुनवाई पर नजर
कावेरी जल विवाद में अब सभी की नजर 13 अगस्त को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। तमिलनाडु सरकार की याचिका में कर्नाटक से उसके हिस्से का पानी तत्काल छोड़ने का निर्देश देने की मांग की गई है। अदालत में होने वाली अगली कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि दोनों राज्यों के बीच जारी जल विवाद को लेकर शीर्ष अदालत क्या रुख अपनाती है।