राष्ट्रीय

Supreme Court – अभिषेक बनर्जी को मिली आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति

Supreme Court – सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी विदेश यात्रा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले को अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने उन्हें राहत प्रदान की।

हाईकोर्ट के फैसले की वजह क्या थी?

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेडिकल जांच से जुड़ी प्रक्रिया को अहम माना था। अदालत के मुताबिक, एसएसकेएम अस्पताल में गठित मेडिकल बोर्ड के सामने सांसद की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकता था कि उनकी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाना चिकित्सकीय रूप से जरूरी है या नहीं।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि अभिषेक बनर्जी मेडिकल बोर्ड के सामने अपनी जांच कराने के लिए तैयार नहीं थे। अदालत के अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय उपलब्ध होने पर ही विदेश में इलाज की आवश्यकता से जुड़े दावे का उचित आकलन किया जा सकता था।

मेडिकल बोर्ड को लेकर क्या था विवाद?

डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की मेडिकल स्थिति का आकलन करने के लिए कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था। हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि वह बोर्ड के समक्ष जांच कराने के लिए तैयार नहीं थे।

इसी बिंदु को अदालत ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण माना। हाईकोर्ट का कहना था कि जब आवेदक खुद मेडिकल बोर्ड की जांच से सहमत नहीं है, तब अदालत के सामने विदेश जाकर इलाज कराने की आवश्यकता को लेकर उपलब्ध जानकारी के आधार पर संतोषजनक निष्कर्ष निकालना मुश्किल होगा।

हाईकोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की थी?

याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि अभिषेक बनर्जी की ओर से मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं होने की बात स्पष्ट किए जाने के बाद इस मुद्दे को आगे लंबित रखने का आधार नहीं बचता। अदालत ने यह भी संकेत दिया था कि बोर्ड की विशेषज्ञ राय मिलने पर विदेश में उपचार की आवश्यकता का न्यायिक मूल्यांकन किया जा सकता था।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान उन्होंने आंखों के उपचार के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी। अब सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह की विदेश यात्रा की अनुमति देकर इस मामले में उन्हें राहत दी है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिली राहत

शीर्ष अदालत का यह आदेश अभिषेक बनर्जी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें निर्धारित अवधि के लिए विदेश जाकर आंखों का उपचार कराने का रास्ता साफ हो गया है। मामला पहले मेडिकल जांच और विदेश में उपचार की जरूरत के आकलन को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में अटका हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद अब अभिषेक बनर्जी तीन सप्ताह के लिए विदेश जा सकेंगे। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट से मिली अनुमति के बीच मेडिकल जांच तथा विदेश में उपचार की आवश्यकता मुख्य मुद्दे रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शीर्ष अदालत ने इसी चिकित्सा उपचार के उद्देश्य से उनकी विदेश यात्रा को मंजूरी दी है।

क्या है पूरा मामला?

अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति लेने के उद्देश्य से अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले उनकी मांग स्वीकार नहीं की और एसएसकेएम मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच को महत्वपूर्ण बताया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अब उन्हें तीन सप्ताह विदेश जाने की अनुमति मिल गई है।

इस घटनाक्रम में अदालतों के सामने मुख्य सवाल उनकी चिकित्सा स्थिति और विदेश में उपचार की आवश्यकता से जुड़ा रहा। हाईकोर्ट ने विशेषज्ञ मेडिकल राय को प्राथमिक आधार माना था, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद विदेश जाकर उपचार कराने की अनुमति प्रदान कर दी है।

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