CoolingTips – बिना बर्फ के भी कूलर से मिल सकती है ज्यादा ठंडी हवा
CoolingTips – गर्मी बढ़ते ही ज्यादातर घरों में कूलर का इस्तेमाल शुरू हो जाता है, लेकिन कई लोग यह शिकायत करते हैं कि कूलर से उम्मीद के मुताबिक ठंडी हवा नहीं मिलती। ऐसे में लोग बर्फ डालने या दूसरे उपायों का सहारा लेते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से इस्तेमाल और नियमित देखभाल के जरिए बिना बर्फ के भी कूलर से बेहतर ठंडक हासिल की जा सकती है।

दरअसल कूलर का काम करने का तरीका पूरी तरह विज्ञान पर आधारित है। यह ‘इवेपोरेशन’ यानी वाष्पीकरण की प्रक्रिया पर काम करता है। जब पानी गर्म हवा के संपर्क में आकर भाप में बदलता है, तो आसपास की हवा ठंडी होने लगती है। यही वजह है कि सही वेंटिलेशन और साफ कूलर ज्यादा बेहतर कूलिंग देते हैं।
वेंटिलेशन बढ़ाता है कूलिंग का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, कूलर को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां बाहर की ताजी हवा आसानी से मिल सके। अगर कूलर को बंद कमरे के अंदर रखा जाए तो नमी बढ़ने लगती है और हवा में चिपचिपाहट महसूस होती है।
कूलर को खिड़की या खुले वेंटिलेशन वाली जगह पर रखने से वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेजी से होती है। इससे हवा ज्यादा ठंडी महसूस होती है। साथ ही कमरे की दूसरी तरफ हल्की खिड़की खुली रखने से गर्म हवा बाहर निकलती रहती है और क्रॉस वेंटिलेशन बना रहता है।
सही समय पर चलाना भी जरूरी
कई लोग कमरे में बैठते ही कूलर चालू करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बेहतर ठंडक चाहिए तो कूलर को पहले से चलाना चाहिए। कमरे का तापमान कम होने में थोड़ा समय लगता है।
अगर कमरे में जाने से करीब आधा घंटा पहले कूलर चला दिया जाए तो वातावरण पहले ही ठंडा हो जाता है। इससे इस्तेमाल के समय हवा ज्यादा ठंडी महसूस होती है और उमस भी कम रहती है।
नियमित सफाई से बढ़ती है ठंडक
कूलर के पैड्स और पंखों पर धूल जमने से हवा का प्रवाह प्रभावित होता है। समय-समय पर सफाई नहीं होने पर कूलर की क्षमता कम हो सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कूलर के पैड्स को नियमित रूप से साफ करना चाहिए ताकि पानी सही तरीके से फैल सके। इसके अलावा पानी का पंप ठीक से काम कर रहा है या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी है। पंखे के ब्लेड्स पर जमा धूल हटाने से हवा की स्पीड बेहतर बनी रहती है।
धूप से बचाकर रखें कूलर
अगर कूलर को सीधी धूप में रखा जाए तो उसकी टंकी का पानी जल्दी गर्म हो जाता है, जिससे ठंडक कम महसूस होती है। बेहतर कूलिंग के लिए कूलर को छायादार जगह पर रखना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
इसके अलावा कूलर में ताजा पानी भरना भी जरूरी है। लंबे समय तक एक ही पानी रहने से उसकी ठंडक कम हो सकती है। नियमित रूप से साफ और ताजा पानी इस्तेमाल करने से वाष्पीकरण बेहतर होता है और हवा ज्यादा ठंडी मिलती है।
आसान उपायों से बढ़ सकती है राहत
गर्मी के मौसम में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर कूलर की कूलिंग क्षमता को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है। सही वेंटिलेशन, नियमित सफाई और उचित स्थान पर कूलर रखने से बिना बर्फ के भी अच्छी ठंडक मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार लोग तकनीकी वजहों को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कूलर की बेहतर कार्यक्षमता के लिए उसका सही उपयोग सबसे जरूरी होता है