झारखण्ड

DigitalCertificate – रांची में पुराने जन्म प्रमाण पत्र अब होंगे बारकोड युक्त

DigitalCertificate – रांची नगर निगम ने नागरिक सेवाओं को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। अब पुराने हस्तलिखित जन्म प्रमाण पत्र रखने वाले लोगों को बारकोड युक्त डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि यह नया प्रमाण पत्र विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों में मान्य होगा और लोगों को दस्तावेज सत्यापन से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, समय के साथ अधिकतर सरकारी सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित हो रही हैं। ऐसे में पुराने मैनुअल जन्म प्रमाण पत्र कई जगहों पर स्वीकार नहीं किए जा रहे थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए निगम ने डिजिटल बारकोड युक्त प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है।

कई संस्थानों में नहीं मान्य थे पुराने प्रमाण पत्र

नगर निगम के मुताबिक, स्कूलों, कॉलेजों, पासपोर्ट कार्यालय, आधार केंद्र और अन्य सरकारी संस्थानों में अब डिजिटल प्रमाण पत्र की मांग बढ़ गई है। पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों की सत्यता जांचने में कठिनाई होने के कारण कई बार उन्हें अस्वीकार कर दिया जाता था।

इस वजह से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। खासकर नौकरी, कॉलेज में नामांकन और पहचान पत्र से जुड़े कार्यों में नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम ने माना कि तकनीकी बदलाव के दौर में पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है।

नागरिकों को मिल रही राहत

कोकर और बूटी मोड़ क्षेत्र से पहुंचे मनोज और सरिता देवी ने बताया कि पुराने जन्म प्रमाण पत्र के कारण उन्हें कई सरकारी कार्यालयों में परेशानी उठानी पड़ी। आधार केंद्रों और अन्य संस्थानों में उनके दस्तावेज कई बार स्वीकार नहीं किए गए थे।

उन्होंने कहा कि डिजिटल बारकोड युक्त नया प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब जरूरी दस्तावेजों से जुड़े कार्य आसानी से हो सकेंगे। नागरिकों का मानना है कि इस सुविधा से समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

आवेदन के बाद जारी होगा नया प्रमाण पत्र

नगर निगम की रजिस्ट्रार निहारिका तिर्की ने बताया कि जिन लोगों के पास पुराने मैनुअल जन्म प्रमाण पत्र हैं, उन्हें नया डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन देना होगा। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करना अनिवार्य रहेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि आवेदन मिलने के बाद तीन से चार दिनों के भीतर नया बारकोड युक्त जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। निगम का प्रयास है कि पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रहे ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बारकोड युक्त प्रमाण पत्र से दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया अधिक आसान हो जाएगी। इससे फर्जी दस्तावेजों पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली लागू होने से भविष्य में नागरिक सेवाओं का संचालन और अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। नगर निगम आने वाले समय में अन्य दस्तावेजों को भी तकनीकी रूप से अपडेट करने की दिशा में काम कर सकता है।

फिलहाल नगर निगम की इस पहल को शहरवासियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे कई जरूरी कार्यों में दस्तावेजों को लेकर होने वाली दिक्कतें कम होने की उम्मीद है।

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