HealthTips – ज्यादा सोया चाप खाना सेहत के लिए पड़ सकता है भारी
HealthTips – आजकल युवाओं के बीच सोया चाप तेजी से पसंद किया जाने वाला फूड बन चुका है। सड़क किनारे मिलने वाले फूड स्टॉल से लेकर रेस्टोरेंट और पार्टियों तक, इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। स्वाद और अलग-अलग मसालों के कारण लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। कई लोग इसे हाई प्रोटीन फूड मानकर अपनी डाइट का हिस्सा भी बना लेते हैं, खासकर वे लोग जो शाकाहारी हैं और प्रोटीन के विकल्प तलाशते रहते हैं।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सोया चाप का जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। खास बात यह है कि बाजार में मिलने वाला अधिकतर सोया चाप पूरी तरह प्राकृतिक नहीं होता, बल्कि इसे तैयार करने में कई तरह की प्रोसेसिंग की जाती है। ऐसे में इसे नियमित रूप से खाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
प्रोसेसिंग के दौरान बदल जाती है गुणवत्ता
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले सोया चाप को तैयार करने के दौरान मैदा, स्टार्च और कई अन्य मिश्रित पदार्थों का उपयोग किया जाता है। कई बार इसमें स्वाद और बनावट बढ़ाने के लिए अलग-अलग एडिटिव्स भी मिलाए जाते हैं।
प्रोसेसिंग की वजह से इसकी पोषण गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर की पाचन प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका रहती है। यही कारण है कि डॉक्टर संतुलित मात्रा में ही ऐसे खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं।
पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं
सोया चाप खाने के बाद कुछ लोगों को गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। इसकी एक वजह इसमें इस्तेमाल होने वाले भारी तत्व माने जाते हैं, जो आसानी से पचते नहीं हैं।
कमजोर पाचन तंत्र वाले लोगों के लिए यह परेशानी और बढ़ सकती है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से तला-भुना सोया चाप खाता है, तो अपच और पेट संबंधी दिक्कतों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं।
डीप फ्राई होने से बढ़ता है खतरा
स्ट्रीट फूड के तौर पर बिकने वाला अधिकतर सोया चाप डीप फ्राई किया जाता है। ज्यादा तेल में तले जाने के कारण इसमें ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ सकती है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
डॉक्टरों के अनुसार ट्रांस फैट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करता है। लगातार ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा बार-बार गर्म किए गए तेल का इस्तेमाल भी स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
वजन बढ़ने का कारण बन सकता है
सोया चाप में कैलोरी की मात्रा काफी अधिक हो सकती है, खासकर जब इसे मक्खन, क्रीम और ज्यादा तेल के साथ बनाया जाता है। ऐसे में इसका नियमित सेवन वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं या फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं, उन्हें इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। संतुलित आहार और घर का ताजा भोजन लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
संतुलित मात्रा में खाना बेहतर विकल्प
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। सोया चाप भी स्वाद के लिए कभी-कभार खाया जा सकता है, लेकिन इसे रोजाना डाइट का हिस्सा बनाना सही नहीं माना जाता।
अगर इसे खाना हो तो कम तेल और बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री से तैयार विकल्प चुनना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। साथ ही ताजा और साफ-सफाई वाले स्थान से बना भोजन ही लेना चाहिए।