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Cookware – जानें स्टील, पीतल या मिट्टी, किस बर्तन में बेहतर होता है खाना बनाना…

Cookware- भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों का असर केवल खाना बनाने की सुविधा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भोजन के स्वाद, पकाने के तरीके और रखरखाव पर भी पड़ता है। आज अधिकांश घरों में स्टेनलेस स्टील के बर्तन आम हैं, जबकि पहले पीतल, कांसा और मिट्टी के बर्तनों का अधिक उपयोग किया जाता था। हाल के वर्षों में पारंपरिक बर्तनों की ओर लोगों का रुझान फिर बढ़ा है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कौन-सा बर्तन अधिक उपयुक्त माना जा सकता है।

स्टेनलेस स्टील रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुविधाजनक

स्टेनलेस स्टील के बर्तन अपनी मजबूती और आसान रखरखाव के कारण सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें दाल, चावल, सब्जी और अन्य दैनिक भोजन आसानी से तैयार किया जा सकता है। इन बर्तनों में जंग लगने की संभावना कम होती है और इन्हें साफ करना भी सरल होता है। सामान्य परिस्थितियों में खट्टे खाद्य पदार्थों के साथ भी इनका उपयोग सुरक्षित माना जाता है। हालांकि साधारण स्टील के बर्तनों में गर्मी हमेशा समान रूप से नहीं फैलती, इसलिए बेहतर परिणाम के लिए ट्राई-प्लाई या मल्टी-लेयर बेस वाले बर्तन अधिक प्रभावी माने जाते हैं।

पीतल के बर्तन पारंपरिक पकवानों के लिए लोकप्रिय

भारतीय रसोई में पीतल के बर्तनों का उपयोग लंबे समय से होता आया है। यह धातु गर्मी का अच्छा संचालन करती है, जिससे कई पारंपरिक व्यंजन समान रूप से पक सकते हैं। सही देखभाल के साथ ये बर्तन लंबे समय तक उपयोग में बने रहते हैं। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना कलई वाले पीतल के बर्तनों में खट्टे खाद्य पदार्थ न पकाएं और न ही लंबे समय तक रखें। यदि बर्तन के अंदर टिन यानी कलई की परत है, तो समय-समय पर उसकी दोबारा कलई कराना भी जरूरी होता है।

मिट्टी के बर्तनों में धीमी आंच पर मिलता है अलग स्वाद

मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने की परंपरा आज भी कई क्षेत्रों में कायम है और अब शहरी रसोई में भी इनका उपयोग बढ़ रहा है। धीमी आंच पर पकने वाले व्यंजन जैसे दाल, करी और बिरयानी के लिए इन्हें पसंद किया जाता है। कई लोगों का अनुभव है कि मिट्टी के बर्तनों में भोजन का स्वाद और सुगंध अलग महसूस होती है। साथ ही ये कुछ समय तक भोजन की गर्माहट बनाए रखने में भी मदद कर सकते हैं। हालांकि ये अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं और पहली बार उपयोग से पहले इन्हें सही तरीके से तैयार करना आवश्यक माना जाता है।

हर बर्तन की अपनी सीमाएं भी हैं

जहां स्टील के बर्तन तेज आंच पर भोजन चिपकने की समस्या पैदा कर सकते हैं, वहीं पीतल के बर्तनों को नियमित देखभाल की जरूरत होती है। दूसरी ओर मिट्टी के बर्तन आसानी से टूट सकते हैं और हर प्रकार के गैस स्टोव या इंडक्शन कुकटॉप के लिए उपयुक्त नहीं होते। इसलिए केवल ट्रेंड या दिखावे के आधार पर बर्तन चुनने के बजाय उनके उपयोग और रखरखाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।

जरूरत के अनुसार करें सही चुनाव

यदि आपका उद्देश्य रोजमर्रा के लिए टिकाऊ, कम रखरखाव वाले और बहुउपयोगी बर्तन खरीदना है, तो स्टेनलेस स्टील एक व्यावहारिक विकल्प माना जाता है। वहीं पारंपरिक व्यंजनों के शौकीन लोग उचित देखभाल के साथ पीतल या मिट्टी के बर्तनों का उपयोग कर सकते हैं। किसी भी बर्तन को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, निर्माण सामग्री और निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों की जांच करना बेहतर रहता है, ताकि वह आपकी रसोई और उपयोग की जरूरतों के अनुरूप साबित हो सके।

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