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AssaultCase – ठाणे अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद समेत चार आरोपी 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में…

AssaultCase – महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके तीन सहयोगियों को अदालत ने 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस मामले ने चिकित्सा समुदाय और आम लोगों के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने पार्षद को बुधवार को गिरफ्तार किया था, जबकि मामले से जुड़े तीन अन्य आरोपियों को उससे एक दिन पहले हिरासत में लिया गया था।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ा मामला

सोमवार शाम कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में रमेश म्हात्रे पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. वैभव सालुंखे के साथ कथित तौर पर हाथापाई करते हुए दिखाई देने का दावा किया गया। साथ ही रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. सृष्टि बाविस्कर के हाथ पर भी कथित रूप से हमला किए जाने की बात सामने आई। वीडियो सामने आने के बाद इस घटना की व्यापक आलोचना हुई और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।

अदालत ने व्यक्तिगत पेशी का दिया निर्देश

गिरफ्तारी के बाद रमेश म्हात्रे ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके चलते उन्हें ठाणे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान पुलिस ने अदालत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी की अनुमति मांगी थी। हालांकि, कल्याण के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के.एस. कटकाडे ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया और आरोपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई सुनवाई

अदालत के आदेश के बाद दोपहर में रमेश म्हात्रे को अस्पताल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय लाया गया। अदालत परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और सुनवाई के दौरान न्यायालय कक्ष में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखी गई। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने चारों आरोपियों के अलावा एक महिला समर्थक के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी, शांति भंग करने के उद्देश्य से अपमान, गैरकानूनी सभा और दंगा जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा

इस विवाद के बाद जिन दो डॉक्टरों पर कथित हमले का आरोप है, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम ने सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। मामले की जांच और आगामी न्यायिक प्रक्रिया पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।

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