Endometriosis – स्वास्थ्य समस्या पर खुलकर बोलीं शमिता शेट्टी, साझा किया इलाज का अनुभव…
Endometriosis- अभिनेत्री शमिता शेट्टी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान अपनी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कई महीनों तक उन्हें अपनी परेशानी की सही वजह समझ नहीं आई। शुरुआती जांच सामान्य आने के कारण वह लंबे समय तक यह मानती रहीं कि जो लक्षण महसूस हो रहे हैं, वे सामान्य हो सकते हैं। बाद में विस्तृत जांच के बाद उन्हें एंडोमेट्रियोसिस का पता चला और आखिरकार सर्जरी करानी पड़ी।

शुरुआती जांच में नहीं मिली बीमारी की पहचान
सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में बातचीत के दौरान शमिता ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में अपनी तकलीफ को गंभीरता से नहीं लिया। जब उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क किया तो नियमित जांच, जिनमें पैप स्मीयर सहित अन्य परीक्षण शामिल थे, कराए गए। रिपोर्ट सामान्य आने के बाद किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं समझी गई। यही वजह रही कि जब लक्षण दोबारा सामने आए तो उन्होंने उन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया।
दर्द को सामान्य समझने की आदत पड़ सकती है भारी
शमिता ने कहा कि कई महिलाएं पीरियड्स या हार्मोन से जुड़ी तकलीफों को जीवन का सामान्य हिस्सा मान लेती हैं। उनके अनुसार, अक्सर महिलाएं दर्द को व्यक्त भी नहीं करतीं क्योंकि समाज में इसे सामान्य मानने की धारणा बनी हुई है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने भी कई महीनों तक यही सोचा कि जो बदलाव महसूस हो रहे हैं, वे किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं हैं।
बढ़ती तकलीफ के बाद लिया सर्जरी का फैसला
अभिनेत्री ने बताया कि सर्जरी से करीब छह से आठ महीने पहले दर्द काफी बढ़ गया था। लगातार बढ़ती परेशानी के कारण उन्हें महसूस हुआ कि केवल सामान्य इलाज से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। इसके बाद डॉक्टरों ने आगे की जांच की सलाह दी, जिससे बीमारी की सही पहचान हो सकी। निदान स्पष्ट होने के बाद उन्होंने सर्जरी कराने का निर्णय लिया।
पेरिमेनोपॉज और बीमारी के लक्षणों में रहा भ्रम
शमिता ने यह भी बताया कि उसी दौरान वह पेरिमेनोपॉज के चरण के बारे में जानकारी हासिल कर रही थीं। हार्मोनल बदलावों की वजह से उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि जो शारीरिक बदलाव और दर्द महसूस हो रहा है, वह पेरिमेनोपॉज का हिस्सा है या किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत। इसी भ्रम के कारण सही कारण तक पहुंचने में समय लगा।
महिलाओं को समय पर जांच कराने की दी सलाह
अपना अनुभव साझा करते हुए शमिता ने संकेत दिया कि यदि शरीर में लगातार असामान्य बदलाव या दर्द महसूस हो तो उसे सामान्य मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर विस्तृत जांच कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाया जा सके और उचित इलाज मिल सके।