Mobility – लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत बढ़ा रही है गर्दन की समस्या
Mobility- स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट का लगातार बढ़ता उपयोग अब केवल सुविधा का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि इससे जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने की आदत के कारण “टेक्स्ट नेक सिंड्रोम” के मामले बढ़ रहे हैं। यह स्थिति शुरुआत में सामान्य दर्द या अकड़न के रूप में दिखाई दे सकती है, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर गर्दन, कंधों और रीढ़ से जुड़ी गंभीर दिक्कतों का कारण भी बन सकती है।

क्या है टेक्स्ट नेक सिंड्रोम?
डॉक्टरों के मुताबिक, टेक्स्ट नेक सिंड्रोम ऐसी स्थिति है जिसमें मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय गर्दन लगातार आगे की ओर झुकी रहती है। सामान्य अवस्था में सिर का भार गर्दन पर संतुलित रहता है, लेकिन झुकाव बढ़ने के साथ मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही दबाव लंबे समय तक बना रहे तो दर्द, अकड़न और शरीर की मुद्रा से जुड़ी परेशानियां विकसित हो सकती हैं।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस समस्या के शुरुआती संकेतों में गर्दन का लगातार दर्द, कंधों और ऊपरी पीठ में भारीपन या अकड़न शामिल हो सकते हैं। कई लोगों को गर्दन के पिछले हिस्से से शुरू होने वाला सिरदर्द भी महसूस होता है। कुछ मामलों में हाथों में झुनझुनी, सुन्नपन, गर्दन घुमाने में कठिनाई या लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द बढ़ना भी इसके संकेत हो सकते हैं। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
किन कारणों से बढ़ता है जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए स्क्रीन पर काम करना इस समस्या का प्रमुख कारण है। आंखों के स्तर से नीचे रखी स्क्रीन पर लगातार नजर टिकाए रखने से गर्दन पर अधिक दबाव पड़ता है। गलत बैठने की मुद्रा, झुककर काम करना और नियमित शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस जोखिम को बढ़ा सकती है। यही वजह है कि आज यह समस्या युवाओं और ऑफिस में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों में अधिक देखने को मिल रही है।
बचाव के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
डॉक्टर सलाह देते हैं कि मोबाइल का उपयोग करते समय उसे आंखों की ऊंचाई के करीब रखें ताकि गर्दन कम झुके। हर 20 से 30 मिनट के बाद कुछ मिनट का ब्रेक लेना और गर्दन व कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करना फायदेमंद हो सकता है। लैपटॉप की स्क्रीन को भी उचित ऊंचाई पर रखना चाहिए और बैठते समय रीढ़ को सीधा रखने की आदत डालनी चाहिए। नियमित व्यायाम, योग और आवश्यकता के अनुसार स्क्रीन टाइम सीमित करना भी गर्दन की सेहत बनाए रखने में मदद करता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि गर्दन का दर्द कई दिनों तक बना रहे, दर्द कंधों या हाथों तक फैलने लगे, हाथों में कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो, या सिरदर्द के साथ गर्दन की अकड़न लगातार बढ़ती जाए, तो विशेषज्ञ से जांच कराना उचित रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती चरण में सही सलाह, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में छोटे बदलाव अपनाकर इस समस्या को गंभीर होने से काफी हद तक रोका जा सकता है।