स्वास्थ्य

Cervical Cancer Screening in India: हर 8 मिनट में एक जिंदगी छीन रहा है सर्वाइकल कैंसर, इस ‘फ्री’ पहल से जानलेवा खतरे से दूर रह सकती हैं आप…

Cervical Cancer Screening in India: कैंसर शब्द का जिक्र आते ही दिल में एक अनजाना डर पैदा हो जाता है, लेकिन आज के दौर में यह बीमारी हमारी बदलती जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही है। वैश्विक स्तर पर कैंसर के कारण हर साल लाखों परिवार उजड़ रहे हैं और यह केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं है। अब युवा और मासूम बच्चे भी (Early cancer diagnosis) के अभाव में इस घातक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता बोझ इस बात का संकेत है कि अब हमें इलाज से ज्यादा बचाव और जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने की सख्त जरूरत है।

Cervical Cancer Screening in India
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महिलाओं के लिए दोहरी चुनौती: ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर

जब महिलाओं में कैंसर की बात होती है, तो अक्सर स्तन कैंसर को ही सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। लेकिन चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर भी उतनी ही तेजी से महिलाओं को अपना शिकार बना रहा है। यह कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से ‘सर्विक्स’ में पनपता है, जिसका मुख्य कारण (Human Papillomavirus infection) को माना जाता है। भारतीय महिलाओं में इस बीमारी को लेकर शर्म और जानकारी का अभाव ही सबसे बड़ी बाधा है, जिसकी वजह से अक्सर यह बीमारी अंतिम चरण में पकड़ में आती है।

एम्स दिल्ली की सराहनीय पहल: जनवरी में मुफ्त स्क्रीनिंग

सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS) दिल्ली ने एक बड़ा कदम उठाया है। जनवरी माह को ‘सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत संस्थान में 31 जनवरी तक मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा दी जा रही है। यह उन महिलाओं के लिए (Free cancer checkup) का सुनहरा अवसर है जो आर्थिक कारणों या झिझक की वजह से अपनी जांच नहीं करा पाती थीं। समय पर की गई एक छोटी सी जांच आपको भविष्य के एक बड़े संकट से बचा सकती है।

भारत में सर्वाइकल कैंसर के डरावने आंकड़े

भारत में इस कैंसर की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हर 8 मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर की वजह से दम तोड़ देती है। डॉक्टरों का मानना है कि यदि समय पर (Cancer screening awareness) और सही इलाज मिले, तो इन मौतों को शत-प्रतिशत रोका जा सकता है। यह एक ऐसा कैंसर है जिसके लक्षण शुरुआत में पकड़ में आ जाएं, तो मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो सकता है। जागरूकता ही इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ हमारा सबसे बड़ा हथियार है।

कब और कहां कराएं जांच: एम्स की समय-सारणी

एम्स दिल्ली ने महिलाओं की सुविधा के लिए विशेष समय निर्धारित किया है। 30 से 65 वर्ष की महिलाएं सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करा सकती हैं। इसके अलावा, (Preventive healthcare services) के तहत 9 से 14 साल की बच्चियों के लिए शनिवार सुबह 9 से 12 बजे तक वैक्सीनेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। न्यू बिल्डिंग में दी जा रही इन सुविधाओं का लाभ उठाकर आप अपने परिवार की महिलाओं और बेटियों का भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं।

विशेषज्ञ की राय: बचाव ही एकमात्र समाधान है

एम्स दिल्ली में प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पल्लवी शुक्ला का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। उनके अनुसार, (Women health importance) को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. शुक्ला का मानना है कि यदि महिलाएं नियमित अंतराल पर अपनी जांच कराएं और बच्चियों को एचपीवी का टीका लगवाएं, तो हम भारत से इस कैंसर का नामोनिशान मिटा सकते हैं। किसी भी उम्र में स्वास्थ्य संबंधी असामान्य लक्षणों को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है।

एचपीवी वैक्सीनेशन: बेटियों के लिए सुरक्षा कवच

सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका बचपन में ही दिया जाने वाला एचपीवी टीका है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छोटी उम्र में (Cervical cancer vaccination) लगवाने से भविष्य में इस वायरस के संक्रमण का खतरा न के बराबर रह जाता है। शनिवार को एम्स में विशेष रूप से बच्चियों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। यह माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपनी बेटियों को इस जानलेवा बीमारी के खिलाफ सुरक्षा चक्र प्रदान करें ताकि वे एक स्वस्थ और सुरक्षित कल की ओर बढ़ सकें।

जागरूकता ही है कैंसर से जीत की चाबी

कैंसर से डरने के बजाय उसे समझने और समय पर कदम उठाने की आवश्यकता है। सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग प्रक्रिया बहुत सरल है और अब एम्स जैसी संस्था इसे (Public health accessibility) के दायरे में लाकर आम महिलाओं तक पहुंचा रही है। जनवरी का यह महीना खुद से वादा करने का है कि हम अपनी और अपने घर की महिलाओं की सेहत के प्रति सजग रहेंगे। याद रखिए, आपकी थोड़ी सी हिम्मत और समय पर ली गई डॉक्टरी सलाह आपको एक लंबा और खुशहाल जीवन दे सकती है।

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