Crime – समस्तीपुर में दो लोगों की गोली मारकर हत्या, कई बिंदुओं पर जांच…
Crime- समस्तीपुर जिले के चकमेहसी थाना क्षेत्र के नामापुर दरिया गांव में मंगलवार देर रात हुई दोहरे हत्याकांड की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने दो युवकों पर बेहद करीब से कई राउंड फायरिंग की, जिससे दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

मृतकों की पहचान, एक पर पहले से दर्ज थे कई मामले
पुलिस ने मृतकों की पहचान नीमा चकहैदर निवासी संजय चौधरी के पुत्र प्रभात चौधरी और बेलसंडी निवासी मुकेश साह के पुत्र सन्नी कुमार के रूप में की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रभात चौधरी को कई गोलियां लगीं। हालांकि उनके शरीर पर कितनी गोलियां लगीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। पुलिस के अनुसार प्रभात चौधरी के खिलाफ पहले से शराब तस्करी और Arms Act से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज थे। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पृष्ठभूमि को भी जांच का हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही हैं।
वारदात के बाद गांव में बढ़ी हलचल
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर मिथिला प्रक्षेत्र के DIG मनोज तिवारी, पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह, सदर DSP-2 संजय कुमार तथा चकमेहसी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। FSL टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए, जबकि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
हत्या के कारणों की कई कोणों से पड़ताल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच टीम गैंगवार, पुरानी रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई, अवैध कारोबार से जुड़े विवाद समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों और संभावित ठिकानों पर भी पुलिस की कार्रवाई जारी है।
पुराने मामलों को भी खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस प्रभात चौधरी से जुड़े पुराने आपराधिक मामलों की भी समीक्षा कर रही है। अधिकारियों के अनुसार कुछ वर्ष पहले समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह बच गए थे। उस समय पुलिस ने वर्चस्व और शराब कारोबार से जुड़े विवाद की आशंका के आधार पर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हालांकि वर्तमान दोहरे हत्याकांड का उस पुराने मामले से सीधा संबंध है या नहीं, इस संबंध में पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच जारी है।