AssamPolitics – विधानसभा चुनाव से पहले सरमा और गोगोई के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
AssamPolitics – असम में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। राज्य की सियासत में अब व्यक्तिगत आरोपों और तीखे बयानों का दौर भी तेज हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच हाल के दिनों में कई मुद्दों को लेकर जुबानी टकराव सामने आया है। मुख्यमंत्री ने गोगोई को लेकर लगाए गए अपने आरोपों को तथ्यों पर आधारित बताते हुए कहा कि उन्होंने जो भी कहा है, वह उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही कहा है।

गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरमा ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके बयान गलत होते तो उनके खिलाफ अब तक कानूनी कार्रवाई की जा चुकी होती। उन्होंने यह भी कहा कि जो जानकारी सार्वजनिक रूप से रखी गई है, वह तथ्यों के आधार पर है और इसमें किसी प्रकार की मनगढ़ंत बात नहीं है।
पाकिस्तान यात्रा को लेकर उठे सवाल
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की वर्ष 2013 की पाकिस्तान यात्रा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय गोगोई जिन इलाकों में गए थे, वहां जाने के लिए आवश्यक अनुमति को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। सरमा ने विशेष रूप से तक्षशिला की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थान इस्लामाबाद में नहीं बल्कि रावलपिंडी में स्थित है।
मुख्यमंत्री के अनुसार रावलपिंडी वह शहर है जहां पाकिस्तान सेना का जनरल मुख्यालय मौजूद है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील इलाके में किसी भारतीय जनप्रतिनिधि की यात्रा को लेकर स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान जाना अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति बिना स्पष्ट अनुमति के संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करता है तो उस पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
जमीन को लेकर लगाए गए आरोपों पर जवाब
यह विवाद केवल विदेश यात्रा के मुद्दे तक सीमित नहीं रहा। हाल ही में गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर राज्य में बड़ी मात्रा में जमीन रखने का आरोप लगाया था। गोगोई का दावा था कि मुख्यमंत्री के परिवार के पास करीब 12 हजार बीघा जमीन है।
इन आरोपों के जवाब में हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इस मामले में गुवाहाटी की एक अदालत ने कांग्रेस नेताओं को फिलहाल ऐसे आरोपों को सार्वजनिक रूप से दोहराने से बचने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
चुनाव को लेकर सतर्क लेकिन आत्मविश्वासी रुख
आगामी विधानसभा चुनावों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि उनकी सरकार के कामकाज का असर जनता के बीच दिखाई देगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम को लेकर अंतिम दावा तभी किया जा सकता है जब मतदान की प्रक्रिया पूरी हो जाए।
सरमा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उनकी सरकार ने राज्य में कई पुराने मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की है और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। उनका कहना था कि सरकार का ध्यान राज्य को नई चुनौतियों के लिए तैयार करने पर रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी से दूरी की बात
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह चुनाव प्रचार को अनावश्यक रूप से भावनात्मक या विवादित बनाने से बचना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अब वह अपने भाषणों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते जो विवाद का कारण बन सकते हैं और न ही राजनीतिक विरोधियों के नाम लेकर टिप्पणी करते हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वास्तविक जन समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव के माहौल में पुराने मामलों को उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है



