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LPGPrice – वैश्विक तनाव के बीच भारत में महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर

LPGPrice – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत में रसोई गैस की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव और सप्लाई से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल दोनों श्रेणी के गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ाए हैं, जिसका प्रभाव आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ सकता है।

घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम

LPG price update in major Indian cities and commercial sector impact –

तेल कंपनियों ने 7 मार्च से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की है। इसके बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत बढ़कर 913 रुपये हो गई है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 114.5 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में किया जाता है। ऐसे में कीमतों में यह बढ़ोतरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए लागत बढ़ने का कारण बन सकती है।

विभिन्न शहरों में एलपीजी के ताजा भाव

देश के कई बड़े शहरों में भी घरेलू सिलेंडर के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं। मुंबई में अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 912.50 रुपये है। कोलकाता में यह करीब 939 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि चेन्नई में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए लगभग 928.50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।

इसके अलावा गुरुग्राम में कीमत करीब 921.50 रुपये और नोएडा में लगभग 910.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। बेंगलुरु में एलपीजी सिलेंडर लगभग 915.50 रुपये में मिल रहा है, जबकि हैदराबाद में इसकी कीमत करीब 965 रुपये बताई जा रही है।

वैश्विक हालात से प्रभावित हुआ बाजार

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक प्रमुख कारण मध्य पूर्व में चल रहा तनाव है। भारत अपनी कुल एलपीजी आवश्यकता का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अनुमान के अनुसार देश की करीब 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरत आयात के जरिए पूरी होती है।

इन आयातों का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ नामक समुद्री मार्ग से होकर आता है। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण इस मार्ग से होने वाली आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।

कुछ शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कमी

महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ शहरों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर भी चिंता सामने आई है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि हाल के दिनों में सप्लाई प्रभावित होने के कारण उन्हें गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। गैस की उपलब्धता होटल और रेस्टोरेंट उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सरकार का दावा, आम परिवार पर सीमित असर

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि हालिया मूल्य वृद्धि का प्रभाव आम परिवारों पर बहुत अधिक नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि औसतन एक परिवार सालभर में लगभग चार से पांच घरेलू सिलेंडर का उपयोग करता है।

इस आधार पर 60 रुपये की बढ़ोतरी का अर्थ है कि सालाना खर्च में सीमित वृद्धि होगी। अधिकारियों के अनुसार प्रति दिन के हिसाब से यह अतिरिक्त खर्च काफी कम है। सरकार का यह भी कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तुलना में भारत में एलपीजी की कीमतें अभी भी कई देशों की तुलना में कम बनी हुई हैं

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