Bihar Weather Forecast January 2026: बिहार में बर्फीली हवाओं ने किया टॉर्चर, 17 जनवरी से बरसेंगी बर्फ सी बूंदे…
Bihar Weather Forecast January 2026: बिहार के कई जिलों में आज भले ही सूर्यदेव के दर्शन हुए हैं, लेकिन सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खिली हुई धूप के बावजूद बर्फीली हवाओं के कारण कनकनी से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तर और उत्तर-पूर्व बिहार के जिलों में (Yellow Alert for Dense Fog) जारी किया है। मंगलवार की सुबह इन इलाकों में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई, जिससे जनजीवन पर असर पड़ा। प्रशासन ने कोहरे के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और हेडलाइट्स का प्रयोग करने की हिदायत दी है।

इन 14 जिलों में कोहरे की घनी चादर का संकट
मौसम विभाग ने राज्य के विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। इसमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, शिवहर और सीतामढ़ी जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में भी (Atmospheric Visibility Challenges) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में सुबह के वक्त कोहरा इतना घना है कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा है। बाकी जिलों के लिए फिलहाल कोई आधिकारिक चेतावनी नहीं है, लेकिन ठंड का असर वहां भी बरकरार है।
17 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अगले चार दिनों तक बिहार में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। हालांकि, 17 जनवरी को एक नया (Western Disturbance Impact on Bihar) सक्रिय होने की संभावना है। इस सिस्टम के आने के बाद राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कई इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी की भी आशंका जताई गई है। इस दौरान कोहरे का स्तर मध्यम से घना हो सकता है, जिससे तापमान में एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
तापमान के आंकड़ों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद (Regional Temperature Variations in Bihar) के कारण ठंड से पूर्ण राहत नहीं मिली है। मुजफ्फरपुर में सबसे कम अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जबकि न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट की प्रवृत्ति बनी रह सकती है।
भागलपुर का सबौर रहा राज्य का सबसे ठंडा इलाका
मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को बिहार के कई जिलों में न्यूनतम तापमान एकल अंक (Single Digit) में सिमट कर रह गया। भागलपुर जिले का सबौर क्षेत्र आज (Record Minimum Temperatures in Bihar) की सूची में सबसे ऊपर रहा, जहाँ पारा लुढ़क कर 5.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं जीरादेई में 7.3 डिग्री और गया में 7.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन इलाकों में सुबह के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है, जिससे लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
पटना और आसपास के जिलों में पारे की स्थिति
राजधानी पटना में भी ठंड का असर कम नहीं है, यहाँ न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। नालंदा के राजगीर में पारा 10.2 डिग्री और औरंगाबाद में 7.1 डिग्री रहा। (Urban Heat Island Effect in Patna) के बावजूद रात और भोर के समय ठिठुरन बनी हुई है। रोहतास के सासाराम और डेहरी में पारा 8.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अरवल में यह 9.1 डिग्री रहा। मुंगेर और खगड़िया के अगवानपुर में भी पारा 10 डिग्री के नीचे बना हुआ है।
सीमांचल और तराई क्षेत्रों में ठंड का कहर
बिहार के सीमांचल और तराई वाले जिलों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मधुबनी में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री, सुपौल में 10.1 डिग्री और पूर्णिया में 9.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। (Cold Wave Conditions in Seemanchal) को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। किशनगंज में पारा 8.1 डिग्री और अररिया के फारबिसगंज में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। समस्तीपुर और छपरा जैसे जिलों में भी पारा 7 से 9 डिग्री के बीच झूल रहा है, जो सामान्य से कम है।
आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि भले ही न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोत्तरी देखी गई हो, लेकिन शुष्क मौसम और बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का एहसास कम नहीं होगा। (Protective Measures against Winter Sickness) का पालन करना बेहद जरूरी है। लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। 17 जनवरी के बाद होने वाली संभावित बारिश के बाद ठंड का एक और दौर शुरू हो सकता है, जिसके लिए कृषि क्षेत्र को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।



