Bihar Cold Wave Alert: कश्मीर को भी मात दे गई बिहार की गलन, बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने थामी रफ्तार
Bihar Cold Wave Alert: बिहार में इस वक्त कुदरत का एक ऐसा अनोखा और डरावना रूप देखने को मिल रहा है, जिसने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। ताज्जुब की बात यह है कि मैदानी राज्य बिहार में पहाड़ों के राजा कश्मीर से भी ज्यादा ठंड पड़ रही है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है, जहां कश्मीर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं भागलपुर के सबौर में (Minimum Temperature) गिरकर महज 4.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह स्थिति दर्शाती है कि राज्य में बर्फीली हवाओं का प्रकोप किस कदर बढ़ चुका है।

कोहरे का ‘वाइट आउट’ और थमते वाहनों के पहिए
बिहार के आसमान पर सिर्फ बादलों का पहरा नहीं है, बल्कि घने कोहरे की चादर ने पूरी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों तक विजिबिलिटी यानी दृश्यता बेहद कम रहेगी। विशेषकर पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकि नगर में (Visibility Range) गिरकर मात्र 40 मीटर रह गई है। इस घने कोहरे के चलते न केवल सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनें भी घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
आधा दर्जन जिलों में मौसम विभाग का ‘डेंस फॉग’ अलर्ट
आगामी कुछ दिनों के लिए बिहार के कई जिलों में भारी कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, गया और मधुबनी जैसे जिलों में (Weather Warning) प्रभावी रहेगी। इन इलाकों में सुबह के वक्त घर से निकलना जोखिम भरा हो सकता है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि अचानक सामने आने वाले अवरोध हादसों का कारण बन सकते हैं।
सात दिनों तक शुष्क रहेगा मौसम पर ठंड से राहत नहीं
बिहार वासियों के लिए फिलहाल राहत की कोई खबर नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ठंड कम होगी। हवा में नमी और (Atmospheric Pressure) के चलते कोहरा अपनी पकड़ बनाए रखेगा। विभाग का कहना है कि न्यूनतम तापमान में अभी 4 डिग्री सेल्सियस तक की और भारी गिरावट आ सकती है, जो लोगों की हड्डियों तक में कंपन पैदा करने के लिए काफी होगी।
भागलपुर और गया में रिकॉर्ड तोड़ ठिठुरन का दौर
बिहार के अलग-अलग जिलों के तापमान पर नजर डालें तो सबौर के बाद शेखपुरा 5.2 डिग्री और गया 6.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडे स्थान रहे। पूर्णिया और किशनगंज में भी (Temperature Drop) का असर साफ दिख रहा है, जहां पारा 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मुजफ्फरपुर, वैशाली और दरभंगा जैसे मध्यम बिहार के जिलों में भी तापमान 9 डिग्री के करीब दर्ज किया गया, जिससे रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग अलाव के सहारे रात गुजार रहे हैं।
राजधानी पटना का हाल: 10 जनवरी तक कोहरे का साया
बिहार की राजधानी पटना में भी ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 7 से 11 जनवरी तक शहर में मध्यम से घना कोहरा छाया रहेगा। इस दौरान (Climatic Conditions) कुछ ऐसी रहेंगी कि न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री तक जा सकता है। अधिकतम तापमान भी 17 से 19 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। राजधानी में सूर्यास्त शाम 5:15 बजे के आसपास हो रहा है, जिसके तुरंत बाद गलन बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मधेपुरा और मोतिहारी में तापमान का उतार-चढ़ाव
पिछले 24 घंटों में बिहार का अधिकतम तापमान काफी नीचे रहा है। सबसे कम अधिकतम तापमान मधेपुरा में 14.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिन में भी (Cold Day) जैसे हालात पैदा कर रहा है। वहीं, मोतिहारी में पारा 19.4 डिग्री रहा, जो राज्य में सर्वाधिक था। हालांकि, दिन की यह धूप भी पछुआ हवाओं के सामने बेअसर साबित हो रही है। लोग गर्म कपड़ों और हीटर का सहारा लेने के बावजूद ठंड से बेहाल नजर आ रहे हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों की बड़ी सलाह
भीषण ठंड और गिरते पारे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। खासकर हृदय रोगियों और बच्चों के लिए यह (Health Risk) काफी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह और देर रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें। सरकार द्वारा विभिन्न चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन कड़ाके की इस ठंड ने सरकारी इंतजामों को भी चुनौती दे दी है। आने वाला एक हफ्ता बिहार के लिए परीक्षा की घड़ी साबित होने वाला है।



