Khaleda Zia Funeral News: ‘फिरोजा’ पहुंचा खालिदा जिया का पार्थिव शरीर, अंतिम दीदार के लिए उमड़ा जनसैलाब
Khaleda Zia Funeral News: बांग्लादेश की राजनीति का एक ऐतिहासिक अध्याय अब यादों के झरोखों में सिमटने जा रहा है। बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का पार्थिव शरीर ढाका के गुलशन इलाके में स्थित उनके निजी आवास ‘फिरोजा’ पहुंचा। (Final Journey) की इस घड़ी में वहां मौजूद हर आंख नम थी। जैसे ही एम्बुलेंस आवास के द्वार पर रुकी, वहां मौजूद समर्थकों ने अपनी प्रिय नेता के सम्मान में नारे लगाए। परिवार के सदस्यों और बेहद करीबी रिश्तेदारों ने नमाज-ए-जनाजा से पहले उनके अंतिम दर्शन किए और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंतरिम सरकार के प्रमुख ने सोशल मीडिया पर जताया शोक
देश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने इस दुखद घड़ी में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X Post) के माध्यम से जानकारी दी कि खालिदा जिया का शरीर उनके निवास स्थान पर पहुंच चुका है, जहां परिजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। यूनुस ने अपने संदेश में खालिदा जिया के राजनीतिक कद को सम्मान देते हुए इसे राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया। सरकार ने इस महान नेता के सम्मान में कोई कसर न छोड़ने का निर्देश दिया है।
तीन बार की प्रधानमंत्री के सम्मान में झुका राष्ट्रीय ध्वज
बेगम खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में निधन होना बांग्लादेश के लिए एक युग का अंत है। वे न केवल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की निर्विवाद नेता थीं, बल्कि तीन बार देश की कमान संभाल चुकी थीं। उनके (State Mourning) के सम्मान में अंतरिम सरकार ने तीन दिनों के राजकीय शोक और एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। देशभर में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके हुए हैं, जो उस महान राजनीतिक व्यक्तित्व को नमन कर रहे हैं जिसने बांग्लादेश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती प्रदान की थी।
बेटे तारीक रहमान की आंखों में दिखा मां को खोने का गम
फिरोजा आवास के भीतर का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था, जहाँ बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारीक रहमान अपनी मां के पार्थिव शरीर के पास बैठे नजर आए। (Emotional Farewell) के इन पलों में तारीक रहमान हाथ में दुआ की किताब लिए अपनी मां की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे। एक सशक्त राजनेता के साथ-साथ एक पुत्र के रूप में उनकी खामोशी बहुत कुछ कह रही थी। वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों ने उनके इस दुख में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
भारत की ओर से श्रद्धांजलि देने ढाका पहुंचे एस जयशंकर
पड़ोसी देश भारत ने भी इस शोक की घड़ी में बांग्लादेश के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर बुधवार सुबह एक विशेष विमान से ढाका पहुंचे। (Diplomatic Condolences) के प्रतीक के रूप में उनकी यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ढाका हवाई अड्डे पर भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने उनकी अगवानी की। जयशंकर भारत सरकार और वहां की जनता की ओर से बेगम खालिदा जिया को अंतिम विदाई देने और शोक संतप्त परिवार से मिलने के लिए इस यात्रा पर आए हैं।
संसद भवन के साउथ प्लाजा में होगी नमाज-ए-जनाजा
तय कार्यक्रम के अनुसार, आज दोपहर 2 बजे ढाका के माणिक मिया एवेन्यू स्थित राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा (Funeral Prayer) अदा की जाएगी। यह स्थान बांग्लादेश की राजनीति का केंद्र रहा है, और यहीं से खालिदा जिया ने कई बार देश को संबोधित किया था। इस जनाजे में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि आम जनता अपनी नेता को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दे सके।
शेर-ए-बांग्ला नगर में पति के पास ही मिलेंगी पनाह
नमाज-ए-जनाजा के संपन्न होने के बाद खालिदा जिया को शेर-ए-बांग्ला नगर ले जाया जाएगा। वहां उन्हें उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास (Final Burial) की रस्मों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। यह स्थान बांग्लादेश की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है। दफन की प्रक्रिया से पहले दक्षिण एशियाई देशों जैसे पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव के प्रतिनिधि भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जो उनके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को दर्शाता है।
दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधियों का ढाका में जमावड़ा
खालिदा जिया के निधन पर केवल बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि पूरा दक्षिण एशिया दुखी है। अंतिम संस्कार के दौरान सार्क देशों के कई (Foreign Representatives) और वरिष्ठ अधिकारी ढाका में मौजूद रहेंगे। यह वैश्विक कूटनीति का वह क्षण है जहाँ वैचारिक मतभेदों को भुलाकर एक महान नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। भारत के विदेश मंत्री के साथ-साथ अन्य पड़ोसी देशों के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी इस दुखद अवसर को एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दे रही है।
यातायात पाबंदियों के बीच ढाका पुलिस की मुस्तैदी
जनाजे और पार्थिव शरीर की आवाजाही को देखते हुए ढाका पुलिस ने पूरे शहर में विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। अस्पताल से लेकर संसद भवन तक के मार्ग पर (Traffic Restrictions) लगाए गए हैं ताकि शवयात्रा में कोई व्यवधान न आए। पुलिस विभाग ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है और वैकल्पिक रास्तों के उपयोग की सलाह दी है। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
अवकाश के बावजूद जारी रहेंगी आवश्यक सेवाएं
भले ही सरकार ने एक दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है, लेकिन नागरिकों की सुविधा के लिए (Emergency Services) को चालू रखा गया है। अस्पताल, बिजली, पानी, गैस और दमकल विभाग जैसी जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। संचार सेवाओं को भी बाधित नहीं किया गया है ताकि लोग एक-दूसरे से जुड़े रह सकें। ढाका का प्रशासन इस बात का पूरा ध्यान रख रहा है कि राजकीय शोक के दौरान देश की कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचा प्रभावित न हो।



