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Parliament – नकल विरोधी विधेयक पर रणनीति के बीच हुई एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक

Parliament – संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक संसद पुस्तकालय भवन में आयोजित की गई। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक से जुड़े संशोधन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। बैठक का उद्देश्य सदन की कार्यवाही के दौरान विभिन्न मुद्दों पर गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय और साझा रणनीति तैयार करना रहा।

सहयोगी दलों के साथ तालमेल पर जोर

‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए के विभिन्न घटक दलों के बीच संवाद को मजबूत करने का एक नियमित मंच मानी जाती है। संसद सत्र के दौरान इसी बैठक में सदन की कार्ययोजना, विभिन्न विधेयकों पर चर्चा की रणनीति और सांसदों की भागीदारी को लेकर विचार-विमर्श किया जाता है। साथ ही प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं को विभिन्न विषयों पर बोलने की जिम्मेदारी और समय तय करने पर भी चर्चा होती है। इसमें शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी), तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), जनता दल (यूनाइटेड) सहित अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं।

कई वरिष्ठ नेता बैठक में रहे मौजूद

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और एनडीए के कई सांसद मौजूद रहे। जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में पहली बार तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई से जुड़े सांसदों की भी उपस्थिति चर्चा का विषय रही। काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष ने भी बैठक में भाग लिया।

नकल विरोधी विधेयक पर रही विशेष चर्चा

बैठक ऐसे समय आयोजित की गई जब सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दूसरी ओर विपक्ष परीक्षा से जुड़े मुद्दों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे राजनीतिक माहौल में एनडीए की यह बैठक संसदीय समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संशोधन विधेयक में प्रस्तावित प्रावधान

यह संशोधन विधेयक सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया था। सदन में विधेयक पेश होने के दौरान विपक्ष की ओर से नारेबाजी भी देखने को मिली। प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।

विधेयक में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और संगठित नकल पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार गंभीर मामलों में अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करने की व्यवस्था तथा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए तीन महीने के भीतर निर्णय सुनिश्चित करने का प्रावधान शामिल है।

‘मंगल मिलन’ बैठक की भूमिका

एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीतिक बैठक को अब ‘मंगल मिलन’ नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य केवल संसदीय रणनीति तय करना ही नहीं, बल्कि गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के बीच संवाद, समन्वय और साझा दृष्टिकोण को मजबूत करना भी है। संसद सत्र के दौरान विभिन्न विधेयकों, राजनीतिक मुद्दों और सदन की कार्यवाही को लेकर एकजुट रणनीति तैयार करने में यह बैठक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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