SchoolTiming – लखनऊ में बदला गया कक्षा 8 तक के स्कूलों का समय
SchoolTiming- लखनऊ में मौसम की स्थिति में सुधार और भीषण गर्मी से राहत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी, परिषदीय, सहायता प्राप्त, गैर-सरकारी और निजी विद्यालय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होंगे। यह व्यवस्था प्री-प्राइमरी, नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगी।

18 जुलाई से लागू हुआ नया आदेश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक संशोधित समय-सारिणी 18 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। आदेश में कहा गया है कि यह व्यवस्था अगले निर्देश जारी होने तक लागू रहेगी। सभी स्कूलों को निर्धारित समय का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
गर्मी से राहत के बाद लिया गया फैसला
पिछले कुछ सप्ताह से लखनऊ में तेज गर्मी और लू के कारण स्कूलों का संचालन बदले हुए समय पर किया जा रहा था। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक खोले जा रहे थे। अब मौसम में बदलाव और तापमान में राहत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों के नियमित संचालन की दिशा में यह नया निर्णय लिया है।
सभी विद्यालयों को पालन के निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन सभी बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों को करना होगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने कहा है कि विद्यालय निर्धारित समय के अनुसार ही कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करें।
प्रशासन को भी भेजी गई आदेश की प्रति
शिक्षा विभाग ने इस आदेश की प्रति महानिदेशक स्कूल शिक्षा, शिक्षा निदेशक (बेसिक), जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेज दी है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आदेश के अनुपालन की निगरानी करें, ताकि सभी विद्यालय नई समय-सारिणी का पालन करें।
विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिलेगी सुविधा
नई समय-सारिणी लागू होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित दिनचर्या मिल सकेगी। विभाग का मानना है कि मौसम की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह समय उपयुक्त रहेगा। यदि भविष्य में मौसम में फिर से बड़ा बदलाव होता है, तो आवश्यकता के अनुसार स्कूलों के समय में दोबारा संशोधन किया जा सकता है।