Badrinath – बारिश के बीच जारी हैं दर्शन, अलकनंदा उफान पर, श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार…
Badrinath- उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही है। प्रतिकूल मौसम के बीच भी देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए कतारों में धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, लगातार वर्षा के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

मौसम के बीच जारी है यात्रा
शनिवार सुबह से बदरीनाथ क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। इसके बावजूद चारधाम यात्रा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालित हो रही है। मंदिर परिसर और सिंह द्वार के आसपास श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या देखी जा रही है। मौसम चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद दर्शन की प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी है।
प्राकृतिक सौंदर्य भी बना आकर्षण
धाम के आसपास की पर्वत चोटियों पर हल्की बर्फ की परत दिखाई दे रही है, जबकि नीचे फैले हरे-भरे बुग्याल यात्रियों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। धार्मिक यात्रा के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां के प्राकृतिक नजारों का भी आनंद ले रहे हैं। बारिश के कारण घाटी का सौंदर्य और अधिक निखर गया है।
दूसरे चरण में भी पहुंच रहे श्रद्धालु
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में पहले की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम हुई है, लेकिन यात्रा पूरी तरह सुचारु बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के बावजूद इस वर्ष तीर्थयात्रियों की आवाजाही पिछले वर्षों की तुलना में संतोषजनक बनी हुई है। इससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी राहत मिल रही है।
माणा गांव सहित अन्य स्थलों का भी रुख
होटल व्यवसायियों के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद कई श्रद्धालु माणा गांव और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कर रहे हैं। अपेक्षाकृत कम भीड़ होने के कारण यात्रियों को दर्शन के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ रहा है, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सहज बन रही है।
प्रशासन की सतर्क निगरानी
लगातार बारिश और अलकनंदा नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। यात्रियों से मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने और केवल अधिकृत सूचना के आधार पर ही यात्रा जारी रखने की अपील की गई है। फिलहाल यात्रा व्यवस्था सामान्य बनी हुई है और श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन कर रहे हैं।