स्वास्थ्य

Ajinomoto – जानिए MSG के सेवन से जुड़े तथ्य और जरूरी सावधानियां

Ajinomoto- चाउमीन, मोमोज, फ्राइड राइस, मंचूरियन और अन्य कई लोकप्रिय चाइनीज व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने के लिए मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG), जिसे आमतौर पर अजीनोमोटो कहा जाता है, का उपयोग किया जाता है। इसे लेकर लंबे समय से कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य मात्रा में इसका सेवन अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अधिक मात्रा या संवेदनशील व्यक्तियों में इसके कुछ दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं। इसलिए इसके उपयोग और सीमाओं को समझना जरूरी है।

क्या है मोनोसोडियम ग्लूटामेट?

मोनोसोडियम ग्लूटामेट यानी MSG एक फ्लेवर एन्हांसर है, जिसका इस्तेमाल भोजन के स्वाद को अधिक उमामी बनाने के लिए किया जाता है। यह ग्लूटामेट का ही एक रूप है, जो प्राकृतिक रूप से टमाटर, मशरूम और पनीर जैसे कई खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। खाद्य उद्योग में इसका उपयोग खास तौर पर तैयार खाद्य पदार्थों और फास्ट फूड के स्वाद को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

अधिक मात्रा में सेवन से हो सकती हैं कुछ परेशानियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लोगों में अधिक मात्रा में MSG युक्त भोजन खाने के बाद सिरदर्द, चेहरे पर गर्माहट, अधिक प्यास लगना, पसीना आना, मतली या हल्की बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि ये प्रभाव हर व्यक्ति में नहीं होते और अधिकांश लोगों में सामान्य मात्रा का सेवन किसी गंभीर समस्या से नहीं जुड़ा पाया गया है। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार ऐसे लक्षण महसूस हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहता है।

सोडियम का सेवन बढ़ने का भी रहता है ध्यान

MSG में सोडियम मौजूद होता है। यदि इसका सेवन अधिक नमक वाले भोजन के साथ नियमित रूप से किया जाए, तो शरीर में कुल सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है। हाई ब्लड प्रेशर, किडनी संबंधी समस्याओं या कम सोडियम वाली डाइट का पालन करने वाले लोगों को इस मामले में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ऐसे लोगों को पैक्ड या प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते समय खाद्य लेबल अवश्य पढ़ना चाहिए।

प्रोसेस्ड फूड की आदत भी बन सकती है चिंता

MSG का उपयोग अक्सर फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में किया जाता है, जिनमें नमक, तेल और कैलोरी भी अधिक हो सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन लंबे समय में वजन बढ़ने और जीवनशैली से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए केवल MSG ही नहीं, बल्कि पूरे भोजन की पोषण गुणवत्ता पर ध्यान देना भी आवश्यक है।

किन लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है?

विशेषज्ञों के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर के मरीज, किडनी रोग से पीड़ित लोग और कम सोडियम वाली डाइट लेने वाले लोगों को MSG युक्त खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में लेने चाहिए। छोटे बच्चों को भी नियमित रूप से स्ट्रीट फूड या अधिक प्रोसेस्ड भोजन खिलाने से बचना बेहतर माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को MSG युक्त भोजन के बाद बार-बार असहजता महसूस होती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना उचित रहेगा।

स्वस्थ खानपान के लिए अपनाएं ये आदतें

संतुलित और ताजा भोजन को दैनिक आहार का हिस्सा बनाना बेहतर विकल्प माना जाता है। बाहर का भोजन सीमित मात्रा में लें और पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल पर Monosodium Glutamate या INS 621 जैसी जानकारी अवश्य जांचें। भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए प्राकृतिक मसालों, हरी जड़ी-बूटियों और पारंपरिक सामग्री का उपयोग भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

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