Weather – उत्तराखंड में बारिश से मौसम सुहाना, कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट
Weather– उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर हुई बारिश से मैदानी क्षेत्रों में उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली, जबकि पहाड़ी इलाकों में मौसम काफी ठंडा हो गया। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के अनेक जिलों में तेज बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

देहरादून में दिनभर बदलता रहा मौसम
राजधानी देहरादून में सुबह करीब साढ़े दस बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो रुक-रुककर शाम तक चलता रहा। हल्की से मध्यम बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ी और लंबे समय से महसूस की जा रही गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग दो डिग्री ज्यादा था।
वर्षा के आंकड़ों ने बढ़ाई सक्रिय मानसून की पुष्टि
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक देहरादून में 6.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का क्रम जारी रह सकता है। लगातार हो रही वर्षा से जल स्रोतों में सुधार की संभावना है, हालांकि संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थितियों पर भी नजर रखी जा रही है।
इन जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार के लिए देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सावधानी बरतने की अपील
बारिश के मद्देनजर लोगों से नदी-नालों के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने, पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।