Scam – दून मेडिकल कॉलेज मेस शुल्क मामले में लेखाकार पर हुई बड़ी कार्रवाई
Scam- दून मेडिकल कॉलेज (GDMC) में छात्रों की मेस फीस से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में जांच के बाद पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। निदेशालय स्तर पर हुई जांच में प्रारंभिक तौर पर गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद संबंधित लेखाकार को निलंबित कर दिया गया है। करीब डेढ़ महीने पहले सामने आए इस मामले में यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।

मेस शुल्क जमा कराने की प्रक्रिया पर उठे थे सवाल
मामला उस समय चर्चा में आया था जब आरोप लगा कि एमबीबीएस के विभिन्न बैचों के छात्रों से मेस शुल्क कॉलेज के अधिकृत खाते की बजाय मेस संचालक के निजी खातों में जमा कराया गया। बताया गया कि भुगतान के लिए छात्रों को ऐसे क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए, जिन पर कॉलेज का नाम प्रदर्शित किया गया था। इस व्यवस्था को लेकर बाद में कई सवाल खड़े हुए और मामले की जांच शुरू की गई।
डिमांड ड्राफ्ट वापस कराने का भी आरोप
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि छात्रों द्वारा कॉलेज के नाम से तैयार कराए गए डिमांड ड्राफ्ट वापस कराकर उन्हें रद्द कराया गया। आरोप है कि इसके बाद छात्रों को अन्य माध्यम से भुगतान करने के लिए कहा गया। इस पूरी प्रक्रिया में लेखा अनुभाग की भूमिका की भी जांच की गई। मामले के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू की, जबकि चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने भी अलग से जांच समिति गठित कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कराई।
कई कर्मचारी पहले ही बदले जा चुके
जांच के शुरुआती चरण में लेखा अनुभाग से जुड़े चार कर्मचारियों का तबादला किया गया था। इसके अलावा छात्रावासों के सभी वार्डनों को भी बदल दिया गया। जांच के दायरे में लेखा अनुभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ वार्डन और कुछ चिकित्सकों को भी शामिल किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की क्रमवार जांच की गई है।
सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू
सूत्रों के अनुसार, निदेशालय के निर्देश के बाद संबंधित लेखाकार को निलंबित कर दिया गया है। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित लेखाकार उपनल के माध्यम से कार्यरत था। इसी क्रम में प्राचार्य ने उपनल को पत्र भेजकर उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का अनुरोध किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।